पिथौरागढ़। कनालीछीना विकासखंड के धुरौली ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने धुरौली-भंडारीगांव पेयजल योजना को चंडिकाघाट पेयजल योजना से हटाने की मांग करते हुए कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। बाद में डीएम रीना जोशी को ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार को धुरौली के ग्रामीणों ने जल निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि जल जीवन मिशन के पहले चरण का कार्य जल निगम ने पूरा कर लिया है। अब दूसरे चरण का कार्य होना है। जल निगम ने पेयजल योजना को चंडिकाघाट पंपिग योजना में डाल दिया है जबकि गांव में जमतड़ स्रोत से पेयजल की आपूर्ति होती है।
ग्रामीण गांव को चंडिकाघाट पेयजल योजना से नहीं जोड़ने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी गांव को चंडिकाघाट पेयजल योजना से जोड़ा जा रहा है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने कहा कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में अशोक कुमार, प्रवीण सिंह, कैलाश सिंह, जगदीश सिंह, भूपेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
गंगोलीहाट में सीवर से दूषित हो रहा है स्रोतों का पानी
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। नगर की लगातार बढ़ रही आबादी से क्षेत्र के पेयजल स्रोत दूषित हो रहे हैं। इन स्रोतों को बचाने और पानी को स्वच्छ रखने के लिए सीवर लाइन की जरूरत महसूस होने लगी है। क्षेत्र के लोगों ने इस संबंध में जल निगम के एमडी सुरेश पंत समक्ष मुद्दा रखा तो उन्होंने सकारात्मक आश्वासन दिया।
क्षेत्र के पौराणिक महत्व के जाह्नवी, छिमाल देवी, कुंजनपुर का नौला समेत अनेक जल स्रोत, शौचालय से रिस रहे पानी के कारण दूषित हो रहे हैं। जाह्नवी नौले का वर्णन स्कंद पुराण के मानसखंड के कालिका महात्म्य में विस्तार से दिया गया है। इस नौले के पानी की तुलना गंगाजल से की गई है। नौले का मूल स्रोत गुप्त गंगा जाखनी में है।
कुछ वर्ष पूर्व कुंजनपुर में नौले का पानी पीने के कारण ग्रामीण उल्टी-दस्त की चपेट में आए थे। 10 वर्षों में गंगोलीहाट नगर पंचायत से नगर पालिका बन गया है। नगर की आबादी भी काफी बढ़ गई। जानकारी मिली है कि पालिका भी सीवर लाइन का प्रस्ताव बनाने की तैयारी कर रही है। संवाद
कोट
मां काली को पूरे विधिविधान के साथ जाह्नवी नौले का पानी अर्पित किया जाता है जो अब दूषित हो रहा है। सीवर लाइन बनने के बाद साफ पानी मिलेगा। - नरेंद्र रावल, मां काली मंदिर कमेटी अध्यक्ष।
सीवर लाइन नहीं होने से शौचालयों की गंदगी जल स्रोतों को दूषित कर रही है। जो स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है। इससे कई लोग बीमार पड़ रहे हैं। - आनंद बल्लभ उप्रेती, पूर्व प्रधानाचार्य।
नगर की आबादी गुणात्मक रूप से बढ़ रही है जिसे स्वस्थ रखने के लिए सीवर लाइन होना आवश्यक है। वर्तमान में सीवर लाइन नहीं होने से गंदगी बढ़ रही है। - कल्याण सिंह धानिक, समाजसेवी।
नगर की आबादी तेजी के साथ बढ़ रही है। सीवर लाइन नगर की सफाई के लिए नितांत आवश्यक है। पालिका प्रशासन को इस तरफ गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। - सुरेंद्र सिंह बिष्ट, समाजसेवी।
सीवर लाइन बिछाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। नगर पंचायत क्षेत्र की सफाई पर विशेष ध्यान दे रही है। - जयश्री पाठक, नगर पंचायत अध्यक्ष