बलुवाकोट में प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के लोग। स्रोत: एनएसयूआई
धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमांत क्षेत्र से दो नाबालिगों को भगाने के मामले में बलुवाकोट में एनएसयूआई, पूर्व सैनिक, व्यापारियों और टैक्सी संचालकों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पहले की तरह इनर लाइन जौलजीबी बनाने की मांग की।
सोमवार को बलुवाकोट में प्रदर्शन कर लोगों ने कहा कि पूरे सीमांत क्षेत्र में तेजी से अपराध बढ़ रहे हैं। बाहरी राज्यों से आकर नाबालिगों को बहलाकर ले जाया जा रहा है। उन्होंने बलुवाकोट, धारचूला, गलाती, जौलजीबी सहित तहसील के कस्बों में काम करने वाले सभी बाहरी लोगों का सत्यापन करने और आपराधिक छवि वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन करने वालों में एनएसयूआई जिला अध्यक्ष पंकज मेहरा, सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर बसंत भट्ट, बलुवाकोट महाविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष मयंक कुमार, गोपाल भट्ट, हरी बिष्ट, प्रकाश सिंह, विक्रम सिंह, पुष्कर सिंह, कमल मार्छाल, इंद्र ऐरी, दीपक धामी, जतिन धामी, घनश्याम सिंह, हरीश जोशी आदि शामिल रहे।
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महिला व्यापारियों ने भी उठाई सत्यापन की मांग
धारचूला। नाबालिगों को भगाकर ले जाने की घटना के बाद सभी लोग चिंतित हैं। धारचूला के लोगों ने बाहरी लोगों का सत्यापन करने की मांग की है। महिला व्यापारी शकुंतला आगरी ने कहा कि बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। जिस तरह दो नाबालिगों को बहलाकर बरेली पहुंचा दिया गया उससे अपने बच्चों को स्कूल भेजने वाले माता-पिता में डर बढ़ गया है। ऐसे कृत्य करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। पूर्व जनजाति मोर्चा के हरीश गुंज्याल, प्रेमा कुटियाल आदि क्षेत्रवासियों ने सत्यापन करने और गलत गतिविधियों में संलिप्त तत्वों को क्षेत्र से बाहर करने की मांग की।