बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। पानी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट अब तक वापस नहीं लिए जाने से उनमें आक्रोश बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने जेल नहीं पानी दो के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही सरकार का पुतला भी फूंका।
प्रधान दीपा देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पानी की मांग पर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के बाद 70 ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की कड़ी निंदा की गई। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर महिला-पुरुषों ने सरकार और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
पूर्व प्रधान देवकी महरा ने कहा कि ग्रामीणों को रिपोर्ट दर्ज कर डराने की कोशिश की गई है। कहा कि सभी लोग अपने-अपने जानवरों के साथ सामूहिक रूप से गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं। साथ ही लोकसभा और पंचायत चुनाव का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान जिपं सदस्य प्रतिनिधि भूपी कार्की, पूर्व प्रधान राधा महरा, जीबुली देवी, सावित्री, खीमुली देवी, राधिका, पूनम कार्की, शोभा, रंभा, पार्वती, राजेंद्र महरा, योगेश, गजेंद्र, विक्रम, हीरा महरा, गोपाल, मनोहर, वीरेंद्र आदि मौजूद थे।
सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। ग्राम प्रधान दीपा देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्मला चुफाल ने कहा कि यदि ग्रामीणों पर दर्ज रिपोर्ट वापस नहीं हुई तो वह सामूहिक रूप से गिरफ्तारी देंगे। ग्राम पंचायत सदस्यों ने सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी।
सांसद ने सीएम के सामने रखी समस्या
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। लोकसभा सांसद अजय टम्टा ने फोन पर बताया कि उडियारी के ग्रामीणों पर दर्ज रिपोर्ट वापस लेने और गांव में पानी की आपूर्ति सुचारु करने, पेयजल योजना की उच्च स्तरीय जांच को लेकर उनकी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता हुई। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सीएम धामी ने अधिकारियों को आदेशित कर दिया है।
उडियारी के ग्रामीणों पर दर्ज रिपोर्ट को लेकर डीएम से वार्ता की गई है। रिपोर्ट वापस लेने की कार्यवाही चल रही है। किसी भी हालत में ग्रामीणों पर कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी। गांव में पेयजल की आपूर्ति सुचारु करने के आदेश दिए गए हैं। -फकीर राम टम्टा, विधायक।