डीडीहाट (पिथौरागढ़)। सीएचसी की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर 21 दिन से धरना-प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों ने मुख्य चौराहे पर प्रदर्शन कर चक्का जाम कर दिया। आंदोलनकारियों ने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर आंख बंद कर ली हैं। सुबह करीब 11 बजे से लगा जाम शाम को करीब सात बजे ग्रामीणों ने खुद ही इस शर्त पर खोल दिया कि यदि तीन दिन के भीतर इस मामले में सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुई तो एक बार फिर से बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मंगलवार को भैस्यूड़ी, बिचकोट, अटल गांव, भड़ गांव, मुकुट अठक्वाली, नाली, बड़ेत सहित कई गांव के लोग सुबह करीब 11 बजे ढोल-नगाड़ों के साथ डीडीहाट-थल-ओगला मार्ग के मुख्य चौराहे पर बैठ गए। अचानक मुख्य चौराहे पर प्रदर्शन के कारण जाम लग गया। सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। एसडीएम श्रेष्ठ गुनसोला और थानाध्यक्ष हिमांशु पंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
एसडीएम के धरना स्थल पर पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। समिति के संयोजक राजेंद्र बोरा और रविंद्र बोरा ने कहा कि सरकार जब तक सीएचसी की तीन सूत्री मांगें पूरी नहीं करेगी आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलनकारी एसडीएम से उनकी मांगें सरकार तक पहुंचाने के लिए लिखित आश्वासन की मांग करने लगे। एसडीएम ने बताया कि वह पूरे मामले को लेकर शासन से संपर्क में हैं। इस पर नाराज आंदोलनकारियों ने एसडीएम वापस जाओ के नारे लगाकर एसडीएम को लौटने के लिए मजबूर कर दिया। इस दौरान स्थानीय महिलाओं ने सड़क पर ही धरना देकर प्रशासन के वाहनों को भी रोक दिया। घंटों बाद आंदोलनकारी नहीं माने। देर शाम करीब सात बजे ग्रामीणों ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए खुद ही जाम खोल दिया।
लिखित आश्वासन पर अड़े
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। आंदोलनकारी समस्याओं के लिखित आश्वासन पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि जब तक डीएम का लिखित पत्र नहीं मिलता वे जाम नहीं खोलेंगे। पिथौरागढ़ से एडीएम डॉ. शिवकुमार बरनवाल डीडीहाट पहुंचे और उन्होंने आंदोलनकारियों से वार्ता की लेकिन आंदोलनकारी उनसे भी डीएम का लिखित आश्वासन मिलने की मांग पर अड़े रहे।