डीडीहाट सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते आंदोलनकारी। संवाद
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 150 से अधिक आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज करने से लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि सरकार मांग तो पूरी नहीं कर रही है लेकिन आंदोलन को दबाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सरकार से आंदोलन वापस लेने की मांग की है।
पांच सितंबर के दिन सीएचसी की बदहाल व्यवस्थाओं के खिलाफ आंदोलनकारियों ने आठ घंटे तक सड़क पर जाम लगाया था। इस मामले में पुलिस ने 150 आंदोलनकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किए थे। सर्वदलीय समिति के संयोजक राजेंद्र बोरा ने कहा कि सरकार इस तरह के मुकदमे दर्ज कराकर आंदोलन को और उग्र बनाने का काम कर रही है। पहाड़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सही करने को लेकर अगर केस दर्ज होते हैं तो पुलिस मुकदमे दर्ज करती रहे। उन्होंने चेतावनी दोहराते हुए कहा कि आंदोलनकारी तीन सूत्रीय मांग पूरी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
बृहस्पवितार को चिल्ड्रन पार्क में 23वें दिन कमला देवी, हेमा देवी, भावना देवी और लीला पंत ने धरना दिया। धरने को राजेंद्र बसेड़ा, पंकज बोरा, गोपाल खड़ायत, लक्ष्मण चौहान, जमुना देवी, सुनीता देवी, रेखा कन्याल आदि ने समर्थन दिया।