यहां रह रहे नेपाल मूल के एक परिवार की किशोरी को विवाह कर ले जा रहे यूपी के बागपत जिले के दो लोगों समेत पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। किशोरी के माता-पिता को भी गिरफ्तार किया है। इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता का भी पुलिस पता लगा रही है। पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा ने पुलिस टीम को पुरस्कार देने की घोषणा की है।
दो दिसंबर को चाइल्ड हेल्पलाइन पिथौरागढ़ को फोन से जानकारी मिली कि जिला मुख्यालय के नजदीकी क्षेत्र से एक किशोरी को विवाह कर कुछ बाहरी लोग ले जा रहे हैं, इसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन के साथ ही अर्पण संस्था की अध्यक्ष रेनू ठाकुर ने पुलिस अधीक्षक को दी।
एसपी ने कोतवाली प्रभारी, एसओजी प्रभारी और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को देते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर पुलिस ने घाट चौकी पर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। दो दिसंबर को शाम 5.25 बजे घाट बैरियर पर टवेरा वाहन (डीएल 3 सीए 4317) को चेक किया गया तो उसमें दुल्हन के साथ ही तीन लोग बैठे थे।
पूछताछ में किशोरी ने बताया कि वह कक्षा 10 में पढ़ती है। इन लोगों ने उसके माता-पिता को पैसे का लालच देकर उसे खरीदा है। वह इन लोगों को नहीं जानती है, यह लोग उसे जबरदस्ती ले जा रहे हैं, इस मामले में उसके माता-पिता लिप्त हैं, जिस पर पुलिस ने अनैतिक व्यापार अधिनियम की धारा 5 और आईपीसी की धारा 370/373/34 के तहत अभियोग किया है।
पुलिस ने दूल्हे दीपक उर्फ सानू निवासी ग्राम कोताना आदिलाबाद बड़ौत जिला बागपत उत्तर प्रदेश, दूल्हे के भाई नरेंद्र त्यागी, दूल्हे के जीजा मूलराज त्यागी निवासी ग्राम सारा थाना निवाड़ी गाजियाबाद उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया।
तीन दिसंबर को किशोरी के माता-पिता को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस दल में कोतवाली प्रभारी ध्यान सिंह, थानाध्यक्ष डीडीहाट गणेश सिंह सामंत, एसओजी प्रभारी शिशुपाल राना, कांस्टेबल यशपाल मेहता, कांस्टेबल समीर चौहान, महिला कांस्टेबल नीलम भंडारी शामिल थे।