पटवारी क्षेत्र सल्ला में पांच नवंबर 2013 को हुई एक व्यक्ति की हत्या के आरोप में जिला एवं सत्र न्यायालय ने दो लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि मृतक की विधवा को दी जाएगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता गंगा सिंह बाफिला और कालू राम ने बताया कि पांच नवंबर 2013 को सल्ला पट्टी के सेलडोकोट गांव में लगे दीपावली मेले को देखने के लिए उसी गांव का हीरा राम भी गया था। हीरा राम के साथ उसकी पत्नी भाना देवी, बेटा सुरेश राम, भाई नरी राम और उमेद राम भी गए थे। रास्ते में कलखेत के पास इन लोगों को गांव के महेंद्र सिंह और चंद्र सिंह मिले। हीरा राम ने पत्नी, बेटे तथा भाई को घर भेज दिया और कुछ देर तक कलखेत में रुक गया। उस रात हीरा राम घर नहीं पहुंचा। दूसरे दिन परिजनों ने उसकी खोजबीन की तो उसका शव घर से कुछ दूरी पर मिला। हीरा राम के सिर पर गंभीर चोट थी और पसलियां टूटी थीं।
घटना की रिपोर्ट मृतक के बेटे सुरेश राम ने राजस्व पुलिस में दर्ज कराई। बताया गया कि हीरा राम का महेंद्र सिंह और चंद्र सिंह के साथ पहले भी विवाद हुआ था। राजस्व पुलिस ने महेंद्र सिंह और चंद्र सिंह के खिलाफ धारा 302 और एससी-एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में राजस्व पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। न्यायालय ने कई गवाहों को पेश करने के बाद शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिकंद कुमार त्यागी ने दोनों हत्यारोपियों को उम्रकैद की सजा सुना दी।