सड़क किनारे पड़े अवैध रेता को खाई में फेंकते मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
थल क्षेत्र के रामगंगा नदी घाटी में अवैध खनन का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। इस कारण पट्टाधारकों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार की रात टिप्पर के टायरों की हवा निकालने के बाद भी माफिया खनन सामग्री मौके पर गिराकर भाग गए। राजस्व विभाग ने सड़क किनारे फेंकी गई रेत खाई में फिकवा दी।
शासन की ओर से खनन पट्टों की नीलामी के दो माह हो चुके हैं, लेकिन अब तक निकासी और खनन की अनुमति नहीं मिली है। इससे अवैध खनन जोरों पर चल रहा है। बृहस्पतिवार रात तड़ीगांव के पास वैध खनन स्थल से अवैध रूप से खनन कर माफिया दो टिप्परों में रेत भरकर ले जा रहे थे। सूचना पर थल थाने से पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को आता देख माफिया वाहनों को छोड़कर भाग गए। इसके बाद पुलिस ने वाहनों के टायरों की हवा निकाल दी। इसके बावजूद माफिया बाद में मौका पाकर खनन सामग्री गिराकर टिप्परों को ले गए।
शुक्रवार को इसकी सूचना एसडीएम तुषार सैनी को दी गई। एसडीएम के निर्देश पर पटवारी ने मौके पर पहुंच कर जमा की गई रेत खाई में फिकवाई। थल थानाध्यक्ष एचसी पंत का कहना है कि अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए जवानों द्वारा लगातार गश्त लगाई जाएगी। अवैध खनन करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।