डीडीहाट में राजस्व पुलिस की गिरफ्त में वृद्धा के हत्यारे
- फोटो : अमर उजाला
मालाझूला गांव में छह जून को वृद्धा खिमुली देवी (70) की हत्या में शामिल फौजी को शुक्रवार सुबह राजस्व पुलिस की टीम ने मालाझूला के जंगल से गिरफ्तार कर लिया है। उसे मृतका की बहू तनुजा देवी के साथ शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। दोनों के खिलाफ राजस्व पुलिस ने धारा 302 और 201 में मुकदमा दर्ज किया है। राजस्व पुलिस ने उस दरांती को भी कब्जे में ले लिया है जिससे वृद्धा पर प्रहार किया गया था। तहसीलदार पीसी पंत ने तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली राजस्व टीम को दो हजार रुपये का इनाम दिया है।
तहसीलदार ने बताया कि सास की हत्या में शामिल तनुजा देवी के बयानों के आधार पर फौजी प्रदीप मेहरा को भी आरोपी बनाया गया था। इन दिनों अवकाश पर घर आए प्रदीप ने तनुजा के साथ इस घटना को अंजाम देने के बाद गांव छोड़ दिया था और जंगल में छिप गया था। उसे पकड़ने के लिए राजस्व पुलिस की दो टीमें गठित की गई। शुक्रवार सुबह राजस्व निरीक्षक विजय साह, प्रमोद जोशी, होमगार्ड के जवानों की टीम ने उसे मालाझूला के जंगल से दबोच लिया। राजस्व पुलिस को दिए बयान में प्रदीप ने कहा कि उसने खेत में खिमुली देवी के हाथ-पांव दबाए थे और दरांती से खिमुली के सिर पर प्रहार तनुजा ने किया था, जिससे खिमुली की मौके पर ही मौत हो गई।
इन दोनों ने उसकी लाश को खेत के पास स्थित झाड़ी में छिपा दिया था। इस मामले में तनुजा के पति आनंद सिंह ने ही राजस्व पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह मामला तनुजा और प्रदीप के बीच अवैध संबंधों से जुड़ा हुआ था। मृतका खिमुली ने कई बार इन दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था, जिस कारण यह दोनों खिमुली को रास्ते से हटाना चाहते थे।
तहसीलदार ने बताया कि दोनों आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। तनुजा की कोई संतान नहीं है, जबकि प्रदीप अविवाहित है।