सीडीओ से हुई तकरार के बाद डीएम से मिलने जाते विधायक हरीश धामी और उनके समर्थक
- फोटो : अमर उजाला
धारचूला के कांग्रेसी विधायक हरीश धामी और मुख्य विकास अधिकारी वंदना में शनिवार को विधायक निधि के कामों के भुगतान को लेकर तकरार हो गई। विधायक का आरोप है कि सीडीओ ने उनकी बात सही ढंग से नहीं सुनी और गेट आउट कह दिया। दूसरी तरफ सीडीओ का कहना है कि विधायक इस मामले को जबर्दस्ती तूल दे रहे हैं। विधायक निधि के जिन कामों के भुगतान की बात वह कह रहे हैं, उनकी स्वीकृति नहीं है।
विधायक धामी का कहना है कि 2015 में उन्होंने विधायक निधि से धारचूला क्षेत्र में जो काम कराए थे, उनका भुगतान नहीं हुआ है। वह इसी मामले में शनिवार को सीडीओ से मिलने गए थे, लेकिन सीडीओ ने उनकी बात नहीं सुनी। वह कहते हैं कि विधायक तो विधायक निधि के काम सिर्फ स्वीकृत करता है। उसका प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होती है। वह दावा करते हैं कि विधायक निधि से उन्होंने जो काम स्वीकृत कराए थे, उनमें काम तो हो गया है, लेकिन भुगतान के लिए प्रशासन अड़ंगा लगा रहा है। विधायक ने कहा कि सीडीओ ने उनकी बात सुनी नहीं। यहां तक कि बाहर जाने को कह दिया।
विधायक ने बाद में डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा और सीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। धामी ने इसे प्रोटोकाल का उल्लंघन बताते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर विधानसभा में आमरण अनशन शुरू करेंगे। डीएम को ज्ञापन देते समय कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी, बलवंत मेहरा, जगत बृथ्वाल, जगत महर, मनोहर टोलिया, ईश्वर कोरंगा, राजू धामी, दीपक चुफाल आदि थे। डीएम सी रविशंकर ने कहा कि इस गलतफहमी को दूर करने के लिए बात की जाएगी।
दूसरी तरफ सीडीओ वंदना का कहना है कि विधायक इस मामले को ज्यादा बढ़ा चढ़ाकर पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस समय विधायक मिलने आए थे उस समय वह विभागीय बैठक ले रही थीं। उस बैठक में विधायक अपने 15-20 कार्यकर्ताओं को लेकर घुस गए। उन्होंने कहा कि जिस काम के भुगतान की बात विधायक कर रहे हैं, वह स्वीकृत नहीं है। पहले भी यह मामला सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार ही सारे काम होंगे।