स्टेट बैंक दशाईथल में तोड़ी गई खिड़की
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भारतीय स्टेट बैंक की दशाईथल शाखा में बुधवार रात बैंक भवन की खिड़की काटकर भीतर घुसे चोरों ने लॉकर को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। लॉकर को पहुंची क्षति के कारण अब लॉकर खुल नहीं खुल रहा है, इसके लिए एक्सपर्ट बुलाए गए हैं। लॉकर में 10 लाख रुपये की रकम बताई जा रही है। सात महीने पहले इसी शाखा के एटीएम को तोड़ने का भी प्रयास किया गया था।
बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे दशाईथल के लोगों ने बैंक की बाउंड्री पर लगा तारबाड़ टूटा देखा। इसकी जानकारी शाखा प्रबंधक को दी गई। शाखा प्रबंधक गिरीश चंद्र जोशी ने बताया कि वह बैंक पहुंचे तो लॉकर कक्ष का ताला टूटा था। लॉकर का हैंडल तोड़ा था। चोर बैंक के पीछे की खिड़की में लगी ग्रिल को काटकर अंदर घुसे थे। शाखा प्रबंधक ने बताया कि चोर लॉकर तोड़ने में कामयाब नहीं हुए हैं। हैंडल क्षतिग्रस्त होने के कारण लॉकर खुल नहीं रहा है। अल्मोड़ा से गोदरेज कंपनी की टीम बुलाई गई है। शाखा प्रबंधक की सूचना पर बैंक गंगोलीहाट थाने से हेड कांस्टेबल दान सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जिला मुख्यालय से एसओजी प्रभारी प्रकाश माहरा के नेतृत्व में टीम बैंक पहुंच कर मामले की छानबीन कर रही है। घटना की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। चोरों ने सीसी टीवी के कनेक्शन काट दिए थे। बाहर की लाइट के तार भी कटे है।
बता दें कि फरवरी 2016 में दशाईथल में एसबीआई के एटीएम तोड़ने की कोशिश की गई थी। इसके बाद न तो बैंक की सक्रियता सामने आई और न एटीएम तोड़ने का प्रयास करने वालों तक पुलिस पहुंच पाई। बैंक में रात्रि चौकीदार नहीं है। इसी का नतीजा है कि चोरों ने बैंक के लॉकर को तोड़ने की योजना बनाई। दोनों मामलों में जिस तरह से चोरों ने रैकी की है। बैंक भवन के पीछे साइड की खिड़की की ग्रिल को काटकर अंदर घुसे हैं। सीसीटीवी, बिजली के तार काटे हैं, उससे साफ है कि चोर बैंक के बारे में पूरी जानकारी रखते हैं। एटीएम तोड़ने से पहले भी सीसीटीवी की वायरिंग काटी गई थी। खबर लिखे जाने तक अल्मोड़ा से लॉकर एक्सपर्ट नहीं पहुंचे थे।