जिला एवं सत्र न्यायालय ने सोमवार को एक बाबा को बलात्कार के आरोप में दस साल के सश्रम कारावास और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुना दी। बाबा को आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में भी सजा हुई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता सीबी उप्रेती ने बताया कि यहां एक गांव के मंदिर में करीब पांच छह साल से रह रहे बाबा महंत दिगंबर तेजगिरी उर्फ मौनी बाबा उर्फ तरसेम सिंह मूल निवासी नाहन डोईवाला हिमाचल प्रदेश ने 4 सितंबर 2013 को मंदिर में चल रहे भागवत कथा को सुनने आई महिला को खाने के लिए प्रसाद दिया।
उसी समय से बाबा की कुदृष्टि इस महिला पर पड़ गई। यह महिला लंबे समय से मायके में रह रही थी और उसके दो बच्चे भी हैं। 5 सितंबर 2013 को जब महिला मंदिर के पास ही बकरी चराने गई तो बाबा ने उसे केले खाने को दिए और माथे पर बभूती लगा दी।
बाबा ने उस महिला को सम्मोहित कर दिया और उसी दिन उसके साथ बलात्कार किया। साथ में बाबा ने अपने स्मार्टफोन से अश्लील वीडियो क्लिप भी बना दी। बाबा बाद में इस वीडियो क्लिप को दिखाकर महिला को ब्लैकमेल करता रहा। बाबा ने कई बार महिला का शारीरिक शोषण किया।
महिला ने बाबा की इस हरकत की जानकारी ग्राम प्रधान तथा अन्य लोगों को दी। बाबा के खिलाफ पिथौरागढ़ कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ और उसे गिरफ्तार किया गया।
सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिकंद कुमार त्यागी ने आरोपी बाबा को धारा 376 (1) में दस साल के सश्रम कारावास, दस हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास, धारा 506, 506 (2) में दो वर्ष की सजा, एक हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास, धारा 471/465 में छह माह की सजा, आईटी एक्ट में एक वर्ष का कारावास और छह माह की सजा सुना दी।
सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में 14 गवाह अदालत में पेश किए।