पिथौरागढ़। मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर जिले के कई प्रधानों से लाखों रुपये लिए गए हैं। ठगे गए प्रधान अभी तक झिझक के चलते चुप थे। अब धीरे-धीरे प्रधान मामले में शिकायत कर रहे हैं। लोहाकोट के प्रधान से 2.80 लाख रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है।
मोबाइल टॉवर के नाम पर प्रधानों से ठगी का समाचार अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद अब अन्य गांवों के प्रधान भी सामने आ रहे हैं। सोमवार को जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने मामले को जिलाधिकारी के जनता पंजीकरण शुल्क के रूप में 2050 रुपए लिए गए। इसके बाद नौ लाख रुपये के चैक का झांसा देते हुए उनसे टीडीएस के रूप में 18500 रुपये लिए गए। कंपनी द्वारा उनसे कहा गया कि उक्त धनराशि जमा करने के एक घंटे के भीतर उनके खाते में दो लाख रुपये आ जाएंगे।
जगदीश कुमार ने बताया कि जब उनके खाते में धनराशि नहीं आई तब उन्हें ठगे जाने का अहसास हुआ। सोमवार को इस मामले में एक और बड़ा मामला प्रकाश में आया है। देवलथल क्षेत्र के लोहाकोट के ग्राम प्रधान शंकर सिंह ने बताया कि उनके मोबाइल में पिछले वर्ष 27 दिसंबर से उक्त कंपनी के प्रतिनिधियों के फोन आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वह उनके झांसे में आकर अब तक अलग-अलग किश्तों में अपनी मेहनत की कमाई के 2.80 लाख रुपये गवां चुके हैं। जिपं सदस्य जगदीश ने बताया कि उड़ई, सौगांव, हराली, थालगांव, नखरोड़ा, अगन्या, कुसैल समेत मूनाकोट विकास खंड के कई प्रधानों से टॉवर लगाने के नाम पर ठगी की गई है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर दोषियों को दंडित करने की मांग उठाई है जिससे कि अन्य प्रधान ठगी का शिकार होने से बच सकें।