पिथौरागढ़। खाद्य सुरक्षा विभाग ने पिछले वर्ष दिवाली और होली के त्योहार के समय नकली खाद्य पदार्थों के जो नमूने एकत्र किए थे उनमें से 15 नमूने फेल हो गए। इन फेल नमूनों में व्यापारियों तथा उत्पादकों से 6.12 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। इस बार भी दिवाली से पूर्व खाद्य पदार्थों की चेकिंग के लिए अभियान चलाया जाएगा। मंगलवार से यह अभियान शुरू हो जाएगा। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि जिले के हर प्रवेश द्वार पर वाहनों की चेकिंग की जाए और इसके लिए स्थानीय प्रशासन की मदद ली जाए।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आरएस कठायत ने बताया कि पिछले साल त्योहारों के समय कुल 129 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। इनमें ब्रांडेड कंपनियों के उत्पाद, नमकीन, मसाले, चायपत्ती, खोया, दूध, दुग्ध पदार्थ, कोल्ड ड्रिंक जैसी सामग्री शामिल थी। उन्होंने बताया कि इनके नमूने रुद्रपुर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए। इनमें से किसी भी पदार्थ मिलावट की बात तो सामने नहीं आई लेकिन जो 15 नमूने फेल हुए, उनमें गुणवत्ता की कमी मिली थी। जैसे में फैट की कमी होना, पैक्ड पदार्थ का ओवर डेट होना जैसी कमियां पाई गई। उन्होंने बताया कि उत्पादक कंपनियों से जुर्माना वसूला गया है।
इस बार जिले के प्रवेश द्वार घाट, सेराघाट, चौकोड़ी में भी सख्त चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। मैदानी शहरों से आने वाले हर वाहन की चेकिंग होगी। इसके अलावा कस्बों में भी सामान की चेकिंग की जाएगी।
एक अधिकारी के पास दो जिलों का काम
पिथौरागढ़। मिलावटी खाद्य पदार्थों की चेकिंग करने वाले अहम विभाग के पास संसाधनों की भारी कमी है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आरएस कठायत के पास चंपावत और पिथौरागढ़ जिले का दायित्व है। इसके अलावा जिले में छह खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के पद सृजित हैं लेकिन सिर्फ एक अधिकारी कार्यरत है। विभाग के पास डाटा इंट्री आपरेटर, क्लर्क, वाहन नहीं है। जागरूकता के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। स्थानीय स्तर पर नमूनों की जांच के लिए किट नहीं है।
खाद्य विश्लेषक यूपी से आता है
पिथौरागढ़। रुद्रपुर स्थित प्रयोगशाला में स्थायी खाद्य विश्लेषक की तैनाती नहीं है। खाद्य विश्लेषक यूपी के गाजियाबाद से हफ्ते में एक दिन रुद्रपुर आते हैं। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. कठायत ने बताया कि इससे नमूनों की जांच में लंबा समय लग जाता है।