उपचार नहीं मिलने
पर महिला की मौत
108 सेवा के स्टाफ ने जिला मुख्यालय तक पहुंचाने से किया इनकार
- ईंधन न होने का दिया हवाला, परिजन घर ले आए थे बीमार महिला को
-महिला की मौत से दो मासूम हुए बेसहारा
अमर उजाला ब्यूरो
थल (पिथौरागढ़)। उपचार न मिलने के कारण 60 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई। महिला की मौत होने के बाद पांच और सात साल के दो पोते बेसहारा हो गए हैं। इस महिला को ईंधन न होने का हवाला देकर 108 सेवा के स्टाफ ने जिला अस्पताल तक पहुंचाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद परिजन महिला को वापस घर ले आए।
थल के दूरस्थ घंघोली गांव की विधवा कलावती देवी (60) की बृहस्पतिवार को तबीयत खराब हो गई थी। उसके देवर प्रेम राम ने 108 को फोन किया। 108 ने उसे बांस की झाड़ी नामक स्थान में आने को कहा। इसके बाद परिजन कलावती को एक प्राइवेट वाहन को बुक कर उस स्थान पर लाए। वहां से 108 वाहन से शाम पांच बजे उसे एक किमी की दूरी पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोचर पहुंचाया गया। यहां पर प्राथमिक उपचार में बाद कलावती को जिला मुख्यालय रेफर कर दिया। ईंधन नहीं होने की बात कहकर 108 सेवा के स्टाफ ने मरीज को आगे ले जाने में असमर्थता जता दी और प्राइवेट वाहन से मरीज को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। बेसहारा गरीब विधवा कलावती के पास रुपये नहीं होने के कारण परिजन उसे उसी हालत में घर ले गए। शुक्रवार की सुबह 5.30 बजे कलावती देवी ने दम तोड़ दिया।
एक-एक कर विदा होते गए
थल। कलावती के पति जोगाराम का आज से पांच साल पहले किसी बीमारी से निधन हो गया था। पति का देहांत हुए अभी एक साल ही हुआ था कि पहाड़ी से गिरकर उसके बड़े लड़के फकीर राम की भी मौत हो गई। लड़के के गुजर जाने के बाद बहू दो मासूम बच्चों को छोड़कर कहीं चली गई। उसके दो साल बाद उसके छोटे पुत्र देव राम की भी किसी बीमारी से मौत हो गई। दोनों पोतों रवि (7) व सूरज (5) के लालन-पालन की जिम्मेदारी 60 वर्षीय विधवा कलावती देवी के कंधे पर थी।
बेसहारा हुए दो मासूम
थल। दादी की मौत के बाद मासूम रवि और सूरज गुमसुम हो गए हैं। पहले दादा का साया सिर से उठा। इसके बाद पिता और चाचा की मौत हो गई। मां भी छोड़ कर चली गई। इन दोनों मासूमों को किसी की भी सूरत याद नहीं। इन बच्चों के लिए दादी कलावती ही मेहनत मजदूरी कर पाल रही थी। दादी की अचानक हुई मौत से दोनों मासूम अनाथ हो गए हैं।
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चार विकास खंडों में नहीं चल रही 108 सेवा
पिथौरागढ़। ईंधन के अभाव में जिले के चार विकास खंडों में 108 सेवा ठप पड़ी हैं। इसके चलते मरीजों को समय से उपचार नहीं मिल पा रहा है। दुर्घटना के घायलों और गर्भवती महिलाओं को प्राइवेट वाहनों से अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है।
पिथौरागढ़ जिले में नौ 108 वाहन और नौ खुशियों की सवारी हैं। दो-दो वाहन सभी विकास खंडों में तैनात किए गए हैं, जबकि विण और मूनाकोट विकासखंड के वाहन महिला जिला अस्पताल में तैनात रहते हैं। जिले में पिछले लंबे समय से यह आपातकालीन सेवा ईंधन की कमी से जूझ रही है। इस समय थल, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट, डीडीहाट के 108 वाहनों में डीजल नहीं होने से लोगों को सेवा नहीं मिल पा रही है। पिथौरागढ़ में एक खुशियों की सवारी टायर नहीं होने से खड़ी है। 108 सेवा के जिला कॉर्डिनेटर प्रमोद भट्ट ने बताया कि ईंधन की कमी के कारण वाहन संचालित नहीं हो पा रहे हैं। स्थिति से जिलाधिकारी और 108 सेवा के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।