पिथौरागढ़। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने तेंदुए की खाल तस्करी के मामले में आरोपी को तीन साल के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
जानकारी के अनुसार 12 सितंबर 2018 को एसओजी प्रभारी उप निरीक्षक प्रकाश सिंह महरा, कांस्टेबल मनमोहन भंडारी, कांस्टेबल अनिल मर्तोलिया, कांस्टेबल राजकुमार, कांस्टेबल बलवंत वल्दिया गुरना-घाट मोटर मार्ग पर चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान उन्हें तेंदुए की खाल के साथ एक व्यक्ति के आने की सूचना मिली। एसओजी की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी दिनेश जोशी ने वन रक्षक मनोज ज्याला और वन दरोगा गंगा सिंह धामी को मौके पर भेजा। पुलिस और वन विभाग की टीम खड़कू भल्या रोड के पास एक व्यक्ति के कब्जे से तेंदुए की एक खाल बरामद हुई। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम केशव राम पुत्र भानी राम निवासी दिगतोली (पिथौरागढ़) बताया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले की विवेचना वन विभाग के एसडीओ अनिल कुमार श्रीवास्तव ने की। अभियोजन पक्ष ने तमाम गवाहों को अदालत में पेश किया। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व पृथ्वीराज सिंह बनकोटी ने पैरवी की। मामले के परीक्षण के बाद बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधीर तोमर ने आरोपी केशव राम को दोषी पाते हुए तीन साल का कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। आरोपी पहले से ही न्यायिक हिरासत में था। बृहस्पतिवार को उसे दोबारा न्यायिक हिरासत में भेजा गया।