झूलाघाट (पिथौरागढ़)। भारत से नेपाल भेजे जाने वाले सामान की मात्रा कम दिखाकर टैक्स चोरी का खेल चल रहा है। ताजा मामले में कस्टम विभाग ने 33 किलो की कुलिया (मिश्री) को 19 किलो दिखाकर नेपाल भेज दिया। खुलेआम हो रहे इस खेल से जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक देश एक कर’ की धज्जियां उड़ रही हैं, वहीं सरकार को टैक्स से होने वाली आय में चपत लग रही है।
भारत में जीएसटी प्रणाली शुरू होने के बाद नेपाल को जाने वाले वाले सामान को आईजीएसटी बिल के साथ ही भेजे जाने का नियम है। नए नियमों के तहत आईजीएसटी बिल को सीमा पर तैनात कस्टम विभाग द्वारा आनलाइन दर्ज कर भेजने का प्रावधान है, लेकिन पुल पर तैनात विभाग द्वारा माल की तोल को कम दिखाया जा रहा है।
शनिवार को विभाग ने कस्बे के थोक व्यापारी द्वारा नेपाल ले जाए जा रहे सामान का तोल कम दिखाने का मामला सामने आया है। व्यापारियों ने कस्टम विभाग के अधिकारियों द्वारा खुलेआम की जा रही हेराफेरी का शिकायती पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय और कस्टम मुख्यालय लखनऊ को भी भेज दिया है।
मिश्री के कट्टों को व्यापारी द्वारा कम तोल का भेजा गया है, जबकि नेपाल भंसार (कस्टम) में भी इसी मात्रा को दर्शाया गया है। विभाग किसी भी सामान के तोल को नहीं मापता। आगे से बिल के साथ तोल जांचने के बाद ही सामान भेजा जाएगा। -ओपी शर्मा, कस्टम अधीक्षक, झूलाघाट।
मनमानी के खिलाफ कस्टम का पुतला फूंका
झूलाघाट के कई व्यापारियों सहित विभिन्न संगठनों ने कस्टम विभाग पर मनमानी का आरोप लगाते हुए पुतला फूंका। रविवार को व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव जोशी ने कहा कि विभाग के कर्मचारी व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। आनलाइन के नाम पर वसूली की जा रही है। इस कारण नेपाल के ग्राहकों ने कस्बे की ओर आना छोड़ दिया है। पुतला फूंकने वालों में व्यापार संघ सचिव सौरव श्रेष्ठ, सामाजिक कार्यकर्ता दिवाकर भट्ट, संजू जोशी, जगदीश जोशी, प्रकाश डिक्टियां, भुवन पंगरिया, दिनेश गड़कोटी, अनुराग शर्मा, हितेश भट्ट, दिनेश भट्ट, किशन पंत, संजय पंगरिया शामिल थे।