पिथौरागढ़। बलुवाकोट ग्राम पंचायत विकास कार्यों में हुई घपलेबाजी से नाराज डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी वंदना सिंह को घपलेबाजों से वसूली के निर्देश दिए हैं। रकम वसूल नहीं होने की स्थिति में संबंधित लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को भी कहा है। घोटाले में लिप्त सरकारी कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अमर उजाला ने 17 मार्च के अंक में बलुवाकोट में विकास कार्यों में घपलेबाजी की खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए प्रशासन ने धारचूला के तहसीलदार डा. ललित मोहन तिवारी की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की थी। जांच टीम ने 25 फरवरी को गांव जाकर विकास कार्यों की पड़ताल की, जिसमें घटिया गुणवत्ता के कारण पांच लाख कीमत के पुल के ध्वस्त होने, 4 लाख लागत के 13 कूड़ादान स्थल नहीं बनने, फर्जी तरीके से पेयजल टैंक, चेकडैम, रास्तों के नाम पर धन डकारने की पुष्टि हुई थी।
यही नहीं गांव के लोगों ने मस्ट्राल में फर्जी तरीके से उन्हें मजदूर दिखाने की शिकायत जांच दल से की थी। मनरेगा, बीएडीपी, विधायक निधि, राज्य वित्त मद से बलुवाकोट ग्राम पंचायत को मिली धनराशि को हजम करने की पुष्टि होने पर डीएम सी रविशंकर ने घपलेबाजों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिए हैं। इस आदेश से घपलेबाज जनप्रनतिनिधियों और सराकारी मुलाजिमों में जहां हड़कंप मचा हुआ है।
वहीं इस भ्रष्टाचार को उजागर करने में अहम भूमिका अदा करने वाले परिवर्तन संगठन बलुवाकोट के रोहित खाती ने डीएम की कार्रवाई का स्वागत किया है। भाजपा के आईटी सेल के प्रदेश सदस्य जगत मर्तोलिया ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर बलुवाकोट के घपलेहबाजी की एसआईटी से जांच कराने की मांग की है।
सरकारी धन की बर्बादी करने वाले विभागीय अधिकारी, कर्मचारियों के साथ ही संबंधित लोगों से रकम वसूली के निर्देश दिए हैं। रकम वसूल नहीं होने पर संबंधित के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करने को कहा है। घोटाले में लिप्त विभागीय कर्मचारी, अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। -सी रविशंकर, डीएम पिथौरागढ़