पिथौरागढ़। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क पर आवाजाही बेहद खतरनाक बनी हुई है। अंधाधुंध कटिंग से पहाड़ियों पर लटके पत्थर मौत बनकर झांक रहे हैं। पहाड़ियां लगातार दरकने से आए दिन सड़क बंद हो रही है। इससे लोगों को आवागमन के साथ ही जरूरी सामान लाने-ले जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
तवाघाट से बलुवाकोट तक 35 किमी सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। नया बस्ती, आश्रम पद्धति स्कूल और गोठी आईटीबीपी कैंप के पास हल्की बारिश में लगातार मलबा गिर रहा है। दोबाट की खड़ी चट्टान से लगातार बोल्डर गिर रहे हैं। तवाघाट से आगे मलघाट में जहां खड़ी चट्टान से मलबा गिर रहा है वहीं गर्बाधार की खड़ी चट्टान भी खतरनाक बनी हुई है। गर्बाधार में जहां मजबूत चट्टानें हैं वहीं मलघाट में पुरानी कटिंग का मलबा मुसीबत बना हुआ है।
वहां मलबा, बोल्डर गिरने की स्थिति में लोगों के पास बचने का कोई साधन नहीं है। धारचूला से आगे सड़क जहां-तहां बंद होने से व्यास, दारमा और चौदास घाटी जाने वाले ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की सी बारिश में पहाड़ियां दरक जा रही हैं। उनका कहना है कि बरसात के दौरान खतरनाक स्थलों पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य नहीं किया जाए।
दोबाट से हटाए जा रहे हैं बोल्डर
धारचूला। दोबाट में दो दिन पूर्व बारिश के दौरान भारी भूस्खलन होने से सड़क बंद हो गई थी। सड़क बंद होने से तीनों घाटियों के लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क खोलने के लिए कार्यदायी संस्था के कर्मी लगे हुए हैं। बोल्डर तोड़ कर हटाए जा रहे हैं। वाहन चालक देवेंद्र ने बताया कि यदि बारिश नहीं हुई तो मंगलवार देर शाम तक सड़क खुलने की संभावना है। संवाद
रात आठ से सुबह छह बजे तक आवाजाही बंद
धारचूला। धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारिश के चलते जगह-जगह हो रहे भूस्खलन से अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए एसडीएम दिवेश शाशनी ने सड़क पर आवागमन के लिए समय निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई से अगले आदेश तक सड़क पर सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक ही आवाजाही रहेगी। रात आठ से सुबह छह बजे तक आवाजाही बंद रहेगी। एसडीएम ने कहा है कि निर्धारित प्रतिबंध की अवधि में किसी भी प्रकार के दोपहिया, चौपहिया वाहनों का संचालन (अतिआवश्यक सेवाओं को छोड़कर) पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसका उल्लंघन करने वाले के खिलाफ आपदा अधिनियम 2005 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। संवाद
पिथौरागढ़ जिले में 21 सड़कें बंद, ग्रामीण परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्र की 18 और सीमा की तीन सड़कों पर आवाजाही बंद है। सड़कों पर गिरे मलबे और बोल्डर को हटाने का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें बंद होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार पीएमजीएसवाई की धारचूला में सात सड़कें मलबा और बोल्डर आने से बंद हैं। डीडीहाट की पांच, पिथौरागढ़ लोनिवि की एक, पीएमजीएसवाई की दो, ब्रिडकुल बेड़ीनाग की एक, लोनिवि अस्कोट व बेड़ीनाग की एक-एक सड़क बंद चल रही है। बीआरओ की जौलजीबी-मुनस्यारी, तवाघाट-घट्टाबगड़ और तवाघाट-पिथौरागढ़ सड़क कई जगहों पर मलबा, बोल्डर आने से बंद है। सड़कों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
बगड़ीहाट में मकान ध्वस्त
अस्कोट। बारिश के चलते बगड़ीहाट में मंगलवार की सुबह करीब 11:30 बजे जमन सिंह मेहता का दोमंजिला पुराना मकान ध्वस्त हो गया। हादसे के समय जमन सिंह कहीं गए हुए थे। उनके बच्चे दिल्ली में रहते हैं। हादसे में किसी तरह की जन और पशु हानि नहीं हुई है। घटना की सूचना जिला आपदा प्रबंधन केंद्र पिथौरागढ़ को दी गई है। मकान ध्वस्त होने की सूचना पर राजस्व उप निरीक्षक मनीष नेगी मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। उन्होंने बताया कि पीड़ित को आपदा सहायता राशि दिलाई जाएगी। संवाद
इनसेट
कहां कितनी बारिश मिमी में
पिथौरागढ़ 2.20
गंगोलीहाट 7.50
बेड़ीनाग 20
डीडीहाट 6.50
मुनस्यारी 11
धारचूला 14.20
चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही काली नदी
पिथौरागढ़। सीमांत में लगातार हो रही बारिश के चलते काली नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। सुबह धारचूला में काली नदी चेतावनी स्तर 889 से ऊपर 889.30 मीटर पर बह रही थी। दोपहर बाद जलस्तर गिरकर 889.10 मीटर पर दर्ज किया गया। अन्य नदियों का जलस्तर अभी सामान्य बना हुआ है। संवाद
चंपावत जिले में बंद हैं चार सड़कें
चंपावत। मंगलवार को न धूप निकली और न बारिश हुई। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग मंगलवार को पूरे दिन खुला रहा। बादल के साथ बीच-बीच में धुंध छाने से मौसम ठंडा बना रहा। वहीं जिले की चार ग्रामीण सड़कें मंच-नीड़, अमोड़ी छतकोट-घुरचुम-पाली, धौन-बड़ोली और किमतोली-असलाड़ बंद हैं। आपदा प्रबंधन विभाग का कहना है कि इन सड़कों को खोलने के लिए मशीन भेजी गई हैं। जल्द ही सभी सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। संवाद
भूकटाव से देवीपुरा तटबंध को खतरा
देवीपुरा गांव के अलावा शारदा नहर, धनुषपुल को भी पहुंच सकता है नुकसान
बनबसा (चंपावत)। हुड्डी नदी के उफान पर आने से जगबूड़ा पुल से आगे देवीपुरा तक भू-कटाव से ग्रामीण तटबंध और धनुषपुल को खतरा पैदा हो गया है। समय रहते रोकथाम नहीं की गई तो देवीपुरा, शिवालय, धनुषपुल और शारदा नहर को भी खतरा पैदा होने की आशंका है।
जगबूड़ा पुल से पचपकरिया, देवीपुरा होते हुए बहने वाली हुड्डी नदी दोनों छोरों पर कटाव कर रही है। इससे देवीपुरा के ग्रामीण गोपाल राम, राकेश कुमार, लालमन, शुबह सिंह और रामवीर के खेतों किनारे की काफी जमीन कटाव में बह चुकी है। प्रधान दीपक प्रकाश चंद ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने प्रशासन को अवगत कराया है लेकिन कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने हुड्डी नदी से हो रहे भू-कटाव से यूपी सिंचाई विभाग की नहर और धनुषपुल को भी नुकसान पहुंचने का अंदेशा जताया है।
इस संबंध में उन्होंने यूपी सिंचाई विभाग और चंपावत जिला प्रशासन से जगबूड़ा नदी से होने वाले भू-कटाव की रोकथाम कराने की मांग की है। इधर यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि हुड्डी नदी से बाएं छोर का ट्रीटमेंट पिछले वर्ष करा दिया गया था। दाहिने छोर पर कार्य का प्रस्ताव यूपी शासन को भेजा गया है। उन्होंने अभी किसी तरह के गंभीर खतरे से इन्कार किया है।
बता दें कि जगबूड़ा पुल से बहने वाली हुड्डी नदी धनुषपुल पर शारदा नहर के ऊपर से होकर बहती है। वर्ष 1928 में निर्मित शारदा नहर को धनुषपुल पर हुड्डी नदी के नीचे से प्रवाहित किया गया है। वहां पर प्लेटफार्म बनाकर नदी नहर के ऊपर से बहती है।