कोरोना से बचाव को स्क्रैज से समझाते हुए शिक्षक।
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। लॉकडाउन के कारण पिछले 20 दिनों से अपने घरों में रह रहे सरकारी स्कूलों के बच्चों को आनलाइन शिक्षा देने के लिये सरकारी शिक्षकों ने भी पहल शुरू की है। तमाम लोगों ने शिक्षकों की इस पहल की सराहना की है।
मस्मोली इंटर कालेज के अध्यापक धीरज खड़ायत ने स्कूली बच्चों को यू-ट्यूब व व्हाट्सअप के माध्यम से सरकारी व पब्लिक स्कूल के बच्चों को पढ़ाने की पहल शुरू कर दी है। धीरज ने बताया कि कोरोना के कारण लॉक डाउन से बच्चों की पढ़ाई सीधे प्रभावित हो गई है। अप्रैल में बच्चों की नई क्लास प्रारम्भ होनी थी। अधिकांश प्राइवेट स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है, लेकिन सरकारी स्कूलों के बच्चे खाली बैठे हैं। इसी को देखते हुए उन्होंने आनलाइन माध्यम से शिक्षा देने का निर्णय लिया है। वहीं डीडीहाट आदर्श प्राथमिक विद्यालय के कार्यरत आध्यापक कमलेश उप्रेती रोज अपने फेसबुक अंकाउट में विज्ञान के प्रयोग की विडियो को सांझा कर बच्चों को विज्ञान के प्रति जागरूक कर रहे हैं। दूरस्थ स्कूल बैकोट के अध्यापक सत्यम जोशी भी बच्चों को मोबाइल से बात करके उन्हें शिक्षा देने का काम कर रहे हैं। कई शिक्षक बच्चों को कोरोना से बचाव के लिये स्केच बनाकर समझा रहे हैं। डाइट के पूर्व प्राचार्य डीएस पांगती ने बताया कि बच्चों को किसी भी विषय की जानकारी देने का सबसे उपयुक्त साधन उनके शिक्षक ही होते हैं। संवाद