झूलाघाट (पिथौरागढ़) । मूनाकोट ब्लॉक के मजिरकांडा ग्राम सभा का कस्बा झूलाघाट बेहतर संचार सुविधाओं के लिए तरस रहा है। संचार सुविधा के लिए लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए टावर शो पीस बने हुए हैं।
सीमावर्ती क्षेत्र होने की वजह से दूरसंचार विभाग ने मोबाइल टॉवर के सिग्नल की रेंज कम है जबकि नेपाल के बैतड़ी में लगे टॉवर के सिग्नल पिथौरागढ़ तक में मिलते हैं। मजिरकांडा गांव में लगे एक मात्र बीएसएनएल के टावर की क्षमता शुरू से ही दयनीय रही है। अंदर कमरों में सिग्नल तो आते है लेकिन बाहर बात नहीं हो पाती है।
क्षेत्र के गेठीगाड़ा, तालेश्वर, अमतड़ी, रणवा, खोला कटियानी, खर्कतड़ी, कानड़ी, सीमू, बलतड़ी, टाकुला, बसौड़, तड़ीगांव, बनाड़ा, खरक्यूड़ा, रज्यूड़ा, गौरीहाट, जामिरपानी, लमतड़ा, मजिरकांडा, भटेड़ी, कटियानी गांवों के ग्रामीण का कहना है कि मोबाइल सेवा शुरू हुए 20 साल होने को है लेकिन अभी तक सीमा के गांव बेहतर सेवा के लिए तरस रहे हैं। क्षेत्र के बलतड़ी, गेठीगाड़ा, अमतड़ी गांव में मोबाइल टावर खडे़ तो कर दिए गए लेकिन यह शुरू नहीं हो पाए हैं।
झूलाघाट के आधार सेंटर में खराब नेटवर्क के चलते दूर गांवों से आये ग्रामीणों के आधार लिंक नहीं हो पा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश रोड़ियाल का कहना है कि खराब नेटवर्क के कारण बलतड़ी, बसौड़ गांव के 31 लोगों को बिना आधार अपडेट वापस लौटना पड़ा।
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झूलाघाट क्षेत्र में संचार व्यवस्था दुरुस्त करने की तैयारी चल रही है। बलतड़ी और गेठीगाड़ा में लगाए गए टावर में बिजली व्यवस्था के लिए दो लाख रुपये की डिमांड भेजी गई है। दिल्ली स्थित कारपोरेट ऑफिस से स्वीकृति मिलने के बाद बिजली लाइन जुड़ पाएगी। अमतड़ी में लगाया गया मोबाइल टावर इस हफ्ते शुरू कर दिया जाएगा। - मोहम्मद खालिद, एसडीई दूरसंचार विभाग पिथौरागढ़।