गंगोलीहाट के चहज में आयोजित जागर में महाभारत की कथा सुनने पहुंची महिलाएं। संवाद
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। चहज के पांडव मंदिर में आयोजित जागर में दुर्योधन की गाथा का बखान हुआ। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
जगरिया इंद्र सिंह भंडारी, पूरन सिंह भंडारी ने कथा सुनाते हुए कहा कि द्रौपदी के अपमान के समय भीम ने प्रतिज्ञा ली थी कि वह गदा से दुर्योधन की जांघ तोड़ेंगे। महाभारत युद्ध के अंतिम चरण में भीम और दुर्योधन के बीच गदा युद्ध हुआ। जब भीम, दुर्योधन पर वार कर रहे थे तब श्रीकृष्ण ने अपनी बाईं जांघ ठोकी, जो दुर्योधन की जांघों पर प्रहार करने का संकेत था। भीम ने श्रीकृष्ण के संकेत को समझकर दुर्योधन की जांघों पर गदा से प्रहार किया और उन्हें तोड़ दिया। भीम ने अपनी प्रतिज्ञा पूरी करते हुए श्रीकृष्ण की सहायता से दुर्योधन का वध किया। जागर में लक्ष्मण सिंह, जागर कमेटी के अध्यक्ष षष्ठी बल्लभ जोशी, प्रकाश चंद्र जोशी, गायत्री पांडेय, निर्मला पंत, शोभा जोशी, गुंजन जोशी, आशा पाठक, पुष्पा पाठक, गीता पंत, भूपेश जोशी, मनीष जोशी समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। संवाद