पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के लिंठ्यूड़ा में दो सप्ताह से बिना तैयारियों के संचालित हो रहे बेस अस्पताल को देखने वाला कोई नहीं हैं। अस्पताल में मरीज कम स्टाफ अधिक नजर आ रहा है। करोड़ों की लागत से बने बेस अस्पताल में सिर्फ डायलिसिस और सीटी स्कैन का ही मरीजों को लाभ मिल रहा है। 14 दिन में अस्पताल में 100 मरीज भी नहीं पहुंचे हैं। यहां 10 में से सिर्फ चार डॉक्टर ही सेवाएं दे रहे हैं। शनिवार को सिर्फ तीन डॉक्टर अस्पताल में तैनात थे जबकि एक अवकाश पर थे। वह सोमवार से सेवाएं देंगे।
स्वास्थ्य सचिव के आदेश के बाद बेस अस्पताल के संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 10 डॉक्टरों की तैनात की है। इसमें से चार डॉक्टर रोटेशन पर अलग-अलग जिले के विभिन्न सीएचसी से लगाए गए हैं जबकि 16 स्टॉफ नर्स अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज से भेजी गई हैं। बेस अस्पताल का संचालन शुरू हुए 14 दिन हो चुुके हैं लेकिन मरीजों की संख्या 100 भी नहीं पहुंच पाई।
शनिवार को बेस अस्पताल में आठ मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इसमें सबसे अधिक मरीज मनोचिकित्सक डॉ. ललित भट्ट को दिखाने पहुंचे। इसके अलावा डॉ. राहुल भट्ट, डॉ. निहाल ने एक-एक मरीज को देखा।
अधिकतर समय खाली बैठा रहता है स्टॉफ
पिथौरागढ़। बेस अस्पताल में मरीज बेहद कम आते हैं। संख्या रोजाना स्टॉफ से कम ही रहती है। ज्यादातर कर्मी खाली ही बैठे रहते हैं। रक्त जांच के लिए लगभग छह मरीज ही दो सप्ताह में बेस पहुंचे हैं। सुविधाएं नहीं होने से पुनेड़ी, रई, जाजरदेवल क्षेत्र के लोग भी उपचार के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। संवाद
2828 लोगों का हुआ सीटी स्कैन
पिथौरागढ़। बेस अस्पताल में लंबे समय से संचालित सीटी स्कैन मशीन का लाभ अब तक दो हजार से अधिक लोगों को मिला है। मिली जानकारी के अनुसार बेस अस्पताल में 2828 लोगों ने अब तक सीटी स्कैन कराया है। संवाद
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य कर रहे हैं बेस संचालित
पिथौरागढ़। बेस अस्पताल के संचालन का जिम्मा मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ के प्राचार्य डॉ.अरविंद बरोनिया को दिया गया है। उनका कहना है कि शासन स्तर से स्टॉफ की तैनाती होने के बाद बेस में व्यवस्थाएं दुरुस्त हो पाएंगी। अभी बेस में सिर्फ ओपीडी ही की जा रही है। संवाद
बेस संचालन के नाम पर गुमराह न किया जाए
पिथौरागढ़। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंजू लुंठी ने कहा कि बेस अस्पताल के संचालन के नाम पर गुमराह नहीं किया जाना चाहिए। बेस अस्पताल में अभी पद स्वीकृत नहीं हुए हैं। बिना पद स्वीकृत किए संचालन हो रहा है। सरकार को बेस अस्पताल के संचालन के लिए शीघ्र पद सृजित कर स्टाफ की तैनाती करनी चाहिए। संवाद