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मूसलाधार बारिश से मलबे में दफन हुआ हरड़िया में बना वैली ब्रिज

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थल-मुनस्यारी सड़क में हरड़िया नाले में मलबे में दबा वैली ब्रिज। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
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नाचनी (पिथौरागढ़)। बुधवार को नाचनी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश होने से हरड़िया नाला उफान पर आ गया। नाले में भारी मात्रा में मलबा आने से बैली ब्रिज दब गया। इस पुल के दबने के बाद नवनिर्मित पुल से मुनस्यारी के लिए यातायात शुरू कर दिया है।
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थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग पर 1990 तक हरड़िया नाले में बरसाती पानी की निकासी के लिए केवल कलवर्ट बनाया गया था। इसी कलवर्ट से पानी की निकासी हो जाती थी। इसके बाद यहां पर भूस्खलन होने से दो मीटर चौड़े कलवर्ट के स्थान पर 30 मीटर चौड़ी खाई बन गई। यहां पर लगातार भूस्खलन होने से हरड़िया नाला हर साल बरसात में मुसीबत बनता गया। कुछ समय तक नदी के रास्ते ही वाहन संचालित हुए। वर्ष 2015 में इस नाले में बैली ब्रिज बनाया गया था। इसी पुल से अब तक वाहनों की आवाजाही हो रही थी। बुधवार को क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से हजारों टन मलबा नाले में आ गया। इस मलबे ने से पुल दब गया। मलबे से पुल के किनारे एक चाय का खोखा भी दब गया।
बैली ब्रिज के मलबे में दबने के बाद लोक निर्माण विभाग ने नए बने पुल से यातायात सुचारु कर दिया है। विभाग ने हाल ही में गार्डर पुल भी तैयार किया है। इस पुल का अभी लोकार्पण किया जाना है। ईई जेपी थपलियाल ने बताया कि बैली ब्रिज लगभग 30 मीटर लंबा और 16.2 टन भार क्षमता का था। इस पुल का एक हिस्सा धंसकर मलबे से ढक गया है। नए पुल से यातायात सुचारु कर दिया है।
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