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Pithoragarh: चीन सीमा को जोड़ने वाला गुंजी का वैली ब्रिज बहा, आवाजाही बंद; मरम्मत कार्य में जुटा बीआरओ

Mon, 08 Jul 2024 02:02 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो शालू दताल, संवाद

सार

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा को जोड़ने वाला गुंजी का वैली ब्रिज बीते दिन सुरक्षा दीवार गिरने से खतरे की जद में आ गया था जिस पर बीआरओ ने पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी।
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गुंजी वैली ब्रिज की मरम्मत का कार्य करते बीआरओ कर्मी।
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विस्तार
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धारचूला में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा को जोड़ने वाला गुंजी का वैली ब्रिज बीते दिन सुरक्षा दीवार गिरने से खतरे की जद में आ गया था जिस पर बीआरओ ने पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। बीआरओ पुल की मरम्मत में जुट गया है। यदि मौसम ठीक रहा तो दो दिन में वैली ब्रिज का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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बता दें कि इस वैली ब्रिज की लंबाई 130 फुट और क्षमता 24 टन है। व्यास घाटी स्थित गुंजी, नाबी, रोकांग, कुटी, ओम पर्वत, आदि कैलाश को जोड़ने वाला वैली ब्रिज कुटी यांगती (नदी) का जलस्तर बढ़ने पर खतरे की जद में आ गया है। बीआरओ के 65 आरसीसी ग्रिफ की कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल भावना वांडरे ने बताया कि यातायात कनेक्टिविटी को सुचारू रखने के लिए कार्य किया जा रहा है। बताया कि लगातार बारिश के कारण कार्य करने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि वैली ब्रिज को मजबूत बनाने के लिए इसे 10 फुट और बढ़ाया जा रहा है।

आरसीसी पुल का निर्माण करने का अनुरोध
गुंजी की सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल ने बताया कि वैली ब्रिज सुरक्षा और पर्यटन की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरकार और बीआरओ से इसी जगह पर मजबूत आरसीसी पुल का निर्माण करने का अनुरोध किया है। बताया कि विगत तीन दिन से व्यास घाटी में बारिश से आदि कैलाश से निकलने वाली कुटी यांगती और कालापानी से बहने वाली काली नदी उफान पर हैं। 
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मल्ला जोहार को जोड़ने वाला वैली ब्रिज बहा
मुनस्यारी के मल्ला जोहार के गांवों को तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाला वैली ब्रिज भारी बारिश के बीच गधेरे के उफान पर आने से बह गया है। इसके चलते कई वाहन भी फंस गए हैं। ग्रामीणों की दिक्कतें भी बढ़ गई हैं। सेना के ठेकेदार कुंदन सिंह पांगती ने बताया कि पैदल रास्ते बंद होने से आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेलगाड़ी से बुगडीयार के बीच जगह-जगह चट्टानें दरक रही हैं। इससे सीमांत के गांवों का संपर्क कट गया है।

ग्रीष्मकालीन प्रवास में मल्ला जोहार के रिलकोट, बुर्फू, बिलजू, मिलम, पांछू, मापा, गनघर, खिंलाच, टोला, मर्तोली, ल्वा, सुमतू, लास्पा के ग्रामीण गांवों में पहुंचे हैं। गांवों में कुछ खाद्यान्न तो पहले पहुंचा दिया अभी और पहुंचाया जाना है। यदि शीघ्र ब्रिज को बनाने का कार्य नहीं किया गया तो ग्रामीणों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

रविवार को बनबसा में रिकार्ड हुई 104 एमएम वर्षा
बनबसा में पिछले चौबीस घंटों में 104 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई। पिछले तीन दिनों में बनबसा में 133 मिमी वर्षा हुई है। पिछले तीन दिनोंं से यहां हो रही वर्षा से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। जगह जगह जलभराव के हालात पैदा हो गए हैं। ग्रामीण संपर्क मार्गों पर जलभराव और कीचड़ से आवागमन प्रभावित रहा जबकि किसानों के लिए वर्षा वरदान साबित हुई। किसान धान की फसल की रोपाई में व्यस्त हैं। 

नदी में मछली मारने और लकड़ी बीनने वालों को खदेड़ा
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पुलिस ने नदी किनारे रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं। शारदा बैराज पुलिस चौकी प्रभारी एसआई ललित माेहन पांडेय ने बताया कि मछली मारने और नदी में जाने वालों को पुलिस ने सख्ती से खदेड़ दिया। नदी से लकड़ी बीनने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह जगवाण ने बताया कि जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वालों के लिए जरूरत पड़ने पर श्री पूणागिरि इंटर कॉलेज में व्यवस्था की गई है। 
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