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Pithoragarh: बाइक और स्कूटी की टक्कर में सेना के जवान की मौत, नौ महीने की बच्ची के सिर से उठा पिता का साया

Thu, 10 Oct 2024 04:22 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़

सार

पिथौरागढ़ जिले में वड्डा सड़क पर भड़कटिया के पास बाइक और स्कूटी की टक्कर हो गई। घटना इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और स्कूटी सवार सैनिक की मौत हो गई। उसका साथी और बाइक में सवार पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए।
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बाइक और स्कूटी की टक्कर में सेना के जवान की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पिथौरागढ़ जिले में वड्डा सड़क पर भड़कटिया के पास बाइक और स्कूटी की टक्कर हो गई। घटना इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और स्कूटी सवार सैनिक की मौत हो गई। उसका साथी और बाइक में सवार पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।

जानकारी के मुताबिक बीते बुधवार देर शाम भड़कटिया कस्बे के पास बाइक यूके 05 बी 6890 और स्कूटी यूके 05 डी 2090 की आमने-सामने की टक्कर हो गई। घटना में स्कूटी सवार अवकाश पर घर आए कुमौड़ निवासी सैनिक धर्मेंद्र बोरा (32), उनके पड़ोसी और साथी रवि कापड़ी (31) और बाइक सवार नीरज खड़ायत (34) और उनकी पत्नी किरन खड़ायत (29) गंभीर रूप से घायल हो गए। जोरदार टक्कर में दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। आसपास के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही सैनिक धर्मेंद्र की मौत हो गई। जबकि तीनों घायलों को उपचार के लिए भर्ती किया गया। चिकित्सकों के मुताबिक तीनों की हालत खतरे से बाहर है। सैनिक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। सीओ परवेज अली ने कहा कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। 

नौ महीने की बच्ची के सिर से उठा पिता का साया

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सैनिक धर्मेंद्र सिंह बोरा 21 दिन के अवकाश पर घर लौटे थे। 22 अक्तूबर को उन्हें अपने कार्यस्थल पर लौटना था। बीते बुधवार को वह पत्नी दीपिका से जल्द घर लौटने की बात कह कर निकले। पत्नी उनके घर लौटने का इंतजार करती रही, लेकिन उसे उनकी मौत की खबर मिली। पति की मौत से पत्नी बदहवास है। वहीं सैनिक की नौ महीने की बच्ची है। उनकी मौत से बच्ची के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।

सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
सैनिक की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। क्षेत्र के लोग बढ़ी संख्या में उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। सैन्य सम्मान के साथ रामेश्वर घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। जीआर के सैनिकों ने सूबेदार उमाकांत द्विवेदी के नेतृत्व में उन्हें अंतिम सलामी दी। वहीं पूर्व सैनिक संगठन ने सैनिक को श्रद्धांजलि देते हुए उनके निधन पर दुख जताया। पूर्व सैनिक संगठन ने सैनिक के परिजनों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। 

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