पिथौरागढ़ में आदि कैलाश यात्रा के लिए यात्रियों में खासा उत्साह है। यात्रा के 33 दिनों में अब तक 30,016 यात्रियों को इनर लाइन पास जारी किए जा चुके हैं। यात्रा मार्ग पर काफी चहल-पहल है। स्थानीय लोगों को भी बेहतर रोजगार उपलब्ध होने से उनके चेहरे खिले हुए हैं।
आदि कैलाश यात्रा सीजन में वर्ष 2024 में 29,352 और 2025 में 36,526 इनर लाइन पास जारी किए गए थे। जिला प्रशासन के अनुसार इस वर्ष एक से 31 मई तक देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 28 हजार श्रद्धालुओं ने आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा की, इसमें पिछले वर्ष की तुलना में 150 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यात्रा पथ पर सुविधाएं बढ़ने और बीआरओ की ओर से सड़क को सुगम बनाए जाने के बाद बड़ी संख्या में विभिन्न प्रांतों के यात्री दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रियों के आने से जिला मुख्यालय में भी चहल-पहल देखी जा रही है। यात्री सरस बाजार से मुनस्यारी का राजमा, पहाड़ी चावल, बुरांश का जूस भी खरीद रहे हैं। ओगला में होटल चलाने वाले नंदकिशोर ने बताया कि यात्री यहां के पराठे एवं पुदीने की चटनी को काफी पसंद कर रहे हैं।
पर्यटन गतिविधियों को मिल रहा है बढ़ावा
जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने कहा कि आदि कैलाश यात्रा सीमांत क्षेत्र के लोगों के लिए स्थानीय रोजगार का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनकर उभरी है। इस यात्रा से पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। साथ ही चीन-नेपाल सीमा से लगे गांवों में रोजगार के अवसर सृजित होने से पलायन की प्रवृत्ति को कम करने में भी सहायता मिली है।