नेपाल के दार्चुला जिले में हुई जनसभा में मौजूद विजेता कांगेस गठबंधन के विजेता प्रत्याशी। संवाद
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धारचूला (पिथौरागढ़)। नेपाल में हुए चुनाव में दार्चुला जिले में कांग्रेस गठबंधन का परचम लहराया है। कांग्रेस गठबंधन से जुड़े कार्यकर्ता जीत से उत्साहित हैं। जीत के बाद दार्चुला जिला मुख्यालय के विभिन्न स्थानों पर ढोल नगाड़ों की धुन पर विजयी जुलूस निकाले गए। भारतीय लोगों का आरोप है कि दार्चूला में सभा के दौरान भारत विरोधी गीत बजाए गए जिस पर उन्होेंने नाराजगी भी जताई है।
23 वर्षों के बाद प्रत्यक्ष चुनाव में कांग्रेस के दिलेंद्र प्रसाद बडू ने एमाले प्रत्याशी गणेश ठगुन्ना को हराकर प्रतिनिधि सभा सदस्य के रूप में कांग्रेस की वापसी कराई। दार्चुला जिले में प्रदेश सभा की दो सीटों पर भी कांग्रेस गठबंधन के विक्रम धामी ने हरदेव जोशी और मान बहादुर धामी ने रामदत्त जोशी को हराकर परचम लहराया है।
दार्चुला (नेपाल) के खेल मैदान में चुनावी जीत के बाद बृहस्पतिवार को जनसभा हुई जिसमें वक्ताओं ने नेपाल में पूर्व प्रधानमंत्री ओली का राज समाप्त होने की बात कहते हुए नेपाल को हर क्षेत्र में समृद्ध बनाने की बात कही। लोगों का आरोप है कि जनसभा के दौरान एक बार फिर से भारत के लिंपियाधूरा, कालापानी, टनकपुर को अपना बताने वाले गीत बजाए गए जिसका उन्होंने विरोध किया है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
नेपाल वालों को ऐसा नहीं करना चाहिए था
धारचूला (पिथौरागढ़)। व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह थापा का कहना है कि भारत-नेपाल के बीच रोटी बेटी के मधुर संबंध दशकों से चले आ रहे हैं। ऐसे में नेपाल के राजनैतिक दलों को भारत के नाम पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। गुंजी ग्राम पंचायत की सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल, सामाजिक कार्यकर्ता प्रेमावती कुटियाल ने कहा कि आज भी भारत-नेपाल के सीमा के करीब रहने वाले गांवों में शादी-विवाह होते हैं। नेपाल के लोग भारत और भारत के लोग नेपाल आते-जाते हैं। ग्राम पंचायत रोंगकांग की प्रधान अंजू रोंकली ने कहा कि नेपाल के सभी दलों को भारत के साथ दशकों से चले आ रहे संबंधों को मजबूत करना चाहिए। भारत के हिस्सों को अपना बताकर जनता के बीच भ्रम नहीं फैलाना चाहिए। संवाद