अंकिता हत्याकांड में जांच की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपते लोग।
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पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में सीमांत जिले में आक्रोश नहीं थम रहा है। मुनस्यारी में विभिन्न संगठन के लोगों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग पर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। लोगों ने कहा कि प्रदेश में लगातार बेटियों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। सरकार ऐसा करने वालों को कठोर सजा दिलाने के लिए गंभीर नहीं है।
मल्ला जोहार विकास समिति के सदस्यों ने लोक बहादुर जंगपागी के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी कार्यालय में पेशकार नवल मर्तोलिया के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा है कि उत्तराखंड में लगातार बेटियों, महिलाओं का उत्पीड़न और इन पर अत्याचार हो रहे हैं। अंकिता भंडारी की हत्या के मामले ने प्रदेश के साथ ही पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
अब इस मामले में वीआईपी का नाम भी सामने आया है। सरकार इसके जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय इन्हें बचाने के रास्ते खोज रही है। हर व्यक्ति लंबे समय से इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा है लेकिन सरकार चुप है। ऐसे में सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से मामले की सीबीआई जांच के आदेश जारी करने की मांग की है। कहा कि मामले में कोई दोषी पाया जाता है तो उसे सजा दी जानी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र बृजवाल, कैलाश धर्मशक्तू आदि मौजूद रहे।