पिथौरागढ़। जिले में 465 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। लंबे समय से अभिभावक इन विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
एकल शिक्षक को सभी विषय पढ़ाने के साथ ही सारी कक्षाओं को अकेले देखना पड़ता है। इन विद्यालयों में 2000 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अभिभावकों का कहना है कि एकल शिक्षक को कभी मजबूरीवश अवकाश लेना पड़ता है तो विद्यालयों में ताले लग जाते हैं। शिक्षकों के नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
पिथौरागढ़ जनमंच के संयोजक भगवान रावत का कहना है कि बेहतर आर्थिक स्थिति वाले अधिकांश लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ा रहे हैं। कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के बच्चे सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे हैं। मेहनत मजदूरी कर अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने वाले अभिभावक अपने पाल्यों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति जल्द करने की मांग की है।
कोट
शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर शासन स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है। शिक्षक मिलने पर नियुक्ति कर दी जाएगी। उन विद्यालयों को नियुक्ति में प्राथमिकता दी जाएगी जहां छात्र संख्या अधिक है। - हवलदार प्रसाद, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक पिथौरागढ़।