धारचूला में आदि कैलाश के यात्री। संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़)। दो माह बाद प्रशासन ने इनर लाइन परमिट जारी करने शुरू कर दिए हैं। प्रशासन ने दो सप्ताह में 400 इनर लाइन परमिट जारी कर दिए हैं।
व्यास घाटी के आदि कैलाश, पार्वती कुंड, गौरी कुंड और ओम पर्वत की धार्मिक यात्रा रूट की तवाघाट-लिपुलेख सड़क मानसून काल के दौरान बंद थी। परमिट जारी होने के बाद पर्यटन कारोबारियों के साथ ही यात्रियों में खुशी की लहर है। तवाघाट-लिपुलेख सड़क खुलने और मौसम साफ होने के बाद प्रशासन ने तीन सितंबर से इनर लाइन परमिट जारी करना शुरू दिया है। परमिट जारी होने के बाद निजी कंपनी के यात्रियों का व्यास घाटी में आना शुरू हो गया है।
कोट
इनरलाइन परमिट जारी होने से होम स्टे और यात्रा संचालकों की आमदनी में इजाफा होने लगा है। व्यास घाटी में चहल पहल काफी बढ़ गई है। - नगेंद्र कुटियाल, संचालक आदि कैलाश ट्रैक।
दो हफ्ते में 200 यात्रियों ने आदि कैलाश के दर्शन कर लिए हैं। यात्री सड़क मार्ग खुलने से बेहद खुश हैं। इस स्थल का बड़ा धार्मिक महत्व है। - लक्ष्मण कुटियाल, संचालक आदि कैलाश ट्रैक।
दो हफ्ते में प्रशासन ने 400 इनर लाइन परमिट जारी किए हैं। दो माह पूर्व लगभग 6300 यात्रियों ने व्यास घाटी की यात्रा की थी। सभी यात्री मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करें। - दिवेश शाशनी, एसडीएम धारचूला।