इस तरह बदहाल पड़ी है धारचूला-रांथी सड़क। संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़)। धारचूला तहसील की रांथी सड़क पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है। इस सड़क में हुई अलग-अलग दुर्घटनाओं में अब तक 22 लोगों की मौत हाे चुकी है। तीन मुख्यमंत्रियों की ओर से की गई चौड़ीकरण की घोषणा के बावजूद इस सड़क का सुधार नहीं हो सका।
रांथी क्षेत्र की लगभग 15 हजार की आबादी को यातायात सुविधा का लाभ पहुंचाने के लिए वर्ष 1991-92 में हल्का वाहन मोटर मार्ग का निर्माण किया गया था। 31 वर्ष बीतने के बाद भी बेहद संकरी इस सड़क को पक्का नहीं किया जा सका है। खतरनाक पहाड़ी को काटकर बनाई गई इस सड़क में सुरक्षा के भी कोई इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में सैकड़ों फिट गहरी खाई वाली इस सड़क में अब तक हुई दुर्घटनाओं में 22 लोग जान गंवा चुके हैं।
इस सड़क पर यात्री जीप का संचालन होता है लेकिन सड़क की बदहाली के कारण हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि तीन मुख्यमंत्रियों की घोषणा के बाद भी सड़क का चौड़ीकरण नहीं किया गया है। नेता भी केवल चुनाव के समय झूठी घोषणाएं करते हैं। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता केएस धामी का कहना है कि तीन दशक से लोग जान हथेली पर रखकर वाहनों में सफर कर रहे हैं। लगातार मांग करने के बाद भी सड़क को न तो चौड़ा किया गया और न ही इस सड़क पर डामरीकरण किया गया।
कोट
रांथी गांव के लिए सड़क बनाने को लेकर वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वन भूमि हस्तांतरण का कार्य पूरा होने से एक बड़ी बाधा पार हो चुकी है। अब शीघ्र ही डीपीआर बनाकर शासन को भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलते ही सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा। - संजीव राठी, ईई लोक निर्माण विभाग अस्कोट, पिथौरागढ़।