पिथौरागढ़। कक्षा नौ की छात्रा से दुष्कर्म के दोषी को विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) शंकर राज ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 80000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से 50000 रुपये पीड़िता को बतौर प्रतिकर दिए जाएंगे। राज्य सरकार की ओर से मामले की पैरवी डीजीसी प्रमोद पंत और एडीजीसी प्रेम भंडारी फौजदारी ने की।
28 जनवरी 2022 की रात मुनस्यारी क्षेत्र निवासी कक्षा नौ की छात्रा घर से लापता हो गई थी। उसके पिता ने घटना के दूसरे दिन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने 30 जनवरी को महेश राम को गिरफ्तार कर छात्रा को भी पकड़ लिया था। पीड़िता ने बताया कि महेश राम ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। महेश के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 376(4)(झ)(3) के तहत केस दर्ज किया गया। मामला विशेष सत्र न्यायालय में चला।
इन धाराओं में सुनाई गई महेश राम को सजा
- विशेष सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने महेश राम को आईपीसी की धारा 363 के तहत सात वर्ष के कठोर कारावास और 10000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
- धारा 366 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। - धारा 376(4)(झ)(3) के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड नहीं देने पर पांच वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।