पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले में तितलियों की 190 प्रजातियों को देखा गया है। वन विभाग के सहयोग से विंग्स फाउंडेशन की ओर से तीन से 14 अप्रैल तक बटर फ्लाई काउंट सीजन फोर के तहत नई तितलियों को खोजने का अभियान चल रहा है। पिथौरागढ़ जिले में कई ऐसी तितलियां हैं, जो आसानी से नहीं दिखाई देती।
विंग्स फाउंडेशन के निदेशक जगदीश भट्ट ने बताया कि अधिकांश तितलियां फूलों के आसपास दिखाई देती हैं, लेकिन कुछ तितलियां पेड़ों के पत्तों पर भी बैठती हैं। घने जंगलों के बीच इन्हें देख पाना आसान नहीं होता है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य में तितलियों की 500 प्रजातियां पाई जाती हैं। पिथौरागढ़ जिले में 260 प्रजातियां मौजूद हैं। इसमें राष्ट्रीय तितली ओरेंज ओकलीफ और राज्य तितली कॉमन पीकॉक भी शामिल है।
जिले में अब तक कॉमन येलो, डार्क क्लाउडेड येलो, कॉमन कॉस्टर, कॉमन सेलर, इंडियन टॉरटॉइज सेल,, विनिशका इंडिका, कॉमन मॉर्मन, लाल पियरोट, कॉमन मैपविंग, कॉमन और डार्क पियरोट आदि तितलियां देखी गई हैं। उन्होंने बताया कि कई तितलियां ऐसी होती हैं जो जानवरों की तरह दिखती है। इसमें डैनॉस जेनुटिया है, जिसे हम कॉमन टाइगर के नाम से जानते हैं। इसके अलावा फलांता फलांथा तितली है, जिसका रंग तेंदुए जैसा दिखता है। जिले में पाई जाने वाली हर एक तितली की एक अलग विशेषता है।