बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। लछीमा-ओखरानी सड़क निर्माण को लेकर चल रहा आंदोलन आमरण अनशन में तब्दील हो गया है। आंदोलित क्षेत्रवासियों ने अबकी बार आरपार की लड़ाई का ऐलान किया है। सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण 16 फरवरी से सड़क निर्माण की मांग को लेकर मुखर हैं। वनभूमि का प्रकरण आड़े आने से स्वीकृत सड़क चार साल बाद भी नहीं बन सकी है। इस पर ग्रामीण 17 दिनों से महरी धर्मशाला में क्रमिक अनशन कर रहे थे। सोमवार से इसे आमरण अनशन में बदल दिया गया। पहले दिन 55 वर्षीय बसंत बल्लभ पाठक आमरण अनशन पर बैठे। ग्रामीण वहां हुई सभा में क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि क्रमिक अनशन के दौरान किसी भी अधिकारी ने अनशन स्थल पर आने की जहमत नहीं उठाई। इसके चलते लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। आंदोलित ग्रामीणों ने मांग पूरी होने तक आमरण अनशन पर डटे रहने का ऐलान किया। इस दौरान बीडीसी सदस्य खष्टी देवी, दिनेश चंद्र पाठक, महेश चंद्र, प्रकाश चंद्र, शंकर दत्त, जगदीश चंद्र, घनश्याम पाठक आदि थे।