पौड़ी। कोटद्वार में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी युवक को अदालत ने दोषमुक्त घोषित किया है। विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) धर्म सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया। अभियोजन के अनुसार 28 अक्तूबर 2025 को नाबालिग की माता ने कोटद्वार कोतवाली में तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि उनकी नाबालिग बेटी घर से लापता हो गई है। मां की ओर से अदालत में दिए बयान में कहा कि वह घर से बिना बताए गई थी और करीब सात-आठ दिन बाद वापस आई थी। उन्होंने आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का समर्थन नहीं किया। बताया कि आरोपी के खिलाफ तहरीर उन्होंने संदेह के आधार पर दी थी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष के दोनों प्रमुख गवाहों के बयान मामले के विपरीत और खंडन करने वाले हैं। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने में असफल रहा। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी युवक को दोषमुक्त कर दिया।