श्रीनगर। हिमालयन साहित्य एवं कला एवं साहित्य परिषद का स्थापना दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर परिषद के सदस्यों की ओर से कविता पाठ का आयोजन कर वसंत का आगमन किया गया। मीठा भात का सहभोज किया गया। साथ ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें याद कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। परिषद के मुख्य ट्रस्टी कृष्णानंद मैठाणी एवं प्रो. उमा मैठाणी ने कहा कि परिषद कला, संस्कृति एवं साहित्य के संरक्षण की दिशा में नित नए कार्य किए जा रहे हैं। प्रो. आरएन गैरोला ने कविता का पाठ किया। माधुरी नैथानी ने अलकनंदा नदी में हो रहे खनन व बांध से पानी कम छोड़े जाने से नदी के प्रवाह क्षेत्र में आई भारी कमी पर रचना प्रस्तुत की। साईनी कृष्ण उनियाल ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। कवि नीरज नैथानी, रंगकर्मी विमल बहुगुणा, संगीतकार वीरेंद्र रतूड़ी, कवि जयकृष्ण पैन्यूली, डाॅ. प्रकाश चमोली, अंकित रावत, बाल कवि प्रद्युम्न उनियाल, अनीता नौडियाल, कौशल्या नैथानी, मीनाक्षी चमोली ने भी अपनी कविताओं का पाठ किया।