राजकीय उप जिला अस्पताल में मरीजों की पंजीकरण स्लिप बनाने के लिए दो कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी गई है। इससे यहां आने वाले मरीज और उनके तीमारदारों को सहूलियत मिल गई है। दो कर्मचारियों के नियुक्त होने की वजह से पंजीकरण करने में कम वक्त लग रहा है।
उप जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे से पहले ही पंजीकरण कराने के लिए कतार लग जाती है। अस्पताल के ओपीडी (वाह्यकालीन रोगी विभाग) में डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए प्रतिदिन यहां 300 से 400 मरीज पहुंचते हैं। समस्या यह थी कि यहां पंजीकरण पटल पर ही एक ही कर्मचारी नियुक्त था जिसके चलते मरीज और तीमारदार पंजीकरण स्लिप बनाने के लिए धूप-बरसात में इंतजारी करते रहते हैं।
अमर उजाला ने 12 जुलाई के अंक में डॉक्टर से मिलने के लिए पंजीकरण करवाना हुआ मुश्किल शीर्षक से खबर प्रकाशित करते हुए मरीजों की समस्याओं को उजागर किया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने पंजीकरण पटल पर दो कर्मचारियों की तैनाती कर दी। साथ ही पिछले दरवाजे से पर्ची बनवाना रुकवा दिया।
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गोविंद पुजारी ने बताया कि फिलहाल एक कर्मचारी पर्ची काटने और एक शुल्क लेने का काम कर रहा है। एक कंप्यूटर खराब चल रहा है। उसकी रिपेयरिंग के बाद दोनों कर्मचारी पर्ची बनाने का काम करने लगेंगे। वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और महिलाओं के प्राथमिकता के आधार पर पंजीकरण करने के लिए पटल पर कार्यरत कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है।