स्वास्थ्य विभाग पौड़ी में एंबुलेंस खरीद मामले में सरकारी धन के गबन व धोखाधड़ी के दोषी को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
स्वास्थ्य विभाग ने कोविडकाल के दौरान जुलाई 2020 को मैसर्स अंबू स्मिथ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नई दिल्ली से 6 एंबुलेंस खरीदने का अनुबंध किया था। अनुबंध के अनुसार कंपनी को एक माह में सभी 6 एंबुलेंस विभाग को उपलब्ध करानी थी। विभाग ने इसके लिए 45 लाख 70 हजार 160 रुपये की धनराशि का भुगतान भी कर दिया था। कंपनी ने विभाग को छह माह में एक एंबुलेंस उपलब्ध कराई, लेकिन शेष पांच एंबुलेंस उपलब्ध कराने को लेकर लेटलतीफी दिखानी शुरू कर दी थी। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संजय नेगी की तहरीर पर 23 जुलाई 2021 को कोतवाली में मैसर्स अंबू स्मिथ प्राईवेट लिमिटेड नई दिल्ली कंपनी के निदेशक व मालिक रजनीश श्रीवास्तव के खिलाफ सरकारी धन के गबन व धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी कंपनी निदेशक को नवंबर 2021 में गिरफ्तार भी कर लिया था। अभियोजन अधिकारी यशदीप श्रीवास्तव व नामिका अधिवक्ता अभियोजन आशीष जदली ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी रवि प्रकाश की अदालत ने मामले में मैसर्स अंबू स्मिथ प्राईवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक रजनीश श्रीवास्तव को सरकारी धन के गबन व धोखाधड़ी का दोषी पाया है। सरकारी धन के गबन में दोषी को एक साल के सश्रम कारावास व 20 हजार के अर्थदंड की सजा हुई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को एक माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी। उन्होंने बताया कि धोखाधड़ी मामले में दोषी को तीन साल के सश्रम कारावास व 50 हजार के अर्थदंड की सजा हुई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को दो माह अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।