हिंडोलाखाल क्षेत्र के दुरोगी के ग्रामीणों ने आदमखोर गुलदार के चंगुल से नवविवाहिता को बचाने वाली नीलम भंडारी को पुरस्कार देने की मांग की है।
दुरोगी गांव की नवविवाहिता रीना देवी धान की रोपाई के लिए अपनी ससूराल गड़ाकोट से मायके आई थी। 15 जुलाई की शाम को जब वो खेत से लौट रही थी तो रास्ते में झाड़ी में छुपे गुलदार ने अचानक हमलाकर दिया। गुलदार ने उसे रास्ते से नीचे फेंक दिया। वो भीमल के पेड़ पर अटक गई। इस दौरान साथ में चल रही नीलम भंडारी ने साहसदिखाते हुए शीघ्र रीना के पास पहुंचकर जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। महिला की आवाज सुनकर आसपास के अन्य लोगों के शोर मचाने पर गुलदार डर कर वहां से भाग निकला। मौके पर पहुंचे ग्रामीण और परिजन घायल रीना देवी को सीएचसी ले गए। वहां से उसे बेस चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। अब रीना देवी स्वस्थ हैं। महिला की जान बचाने पर वन विभाग के रेंज अधिकारी देवेंद्र पुंडीर ने नीलम की हिम्मत की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला को पुरस्कृत करने के लिए शासन को भी पत्र लिखा जाएगा। वहीं जीवन कथा संस्था के संयोजक राकेश पंवार ने साहसी महिला को 5100 रुपये की धनराशि देने की घोषणा की। प्रधान ओम प्रकाश समेत क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से महिला को पुरस्कृत किए जाने की मांग की है।