देवप्रयाग। भगवान राम की तपस्थली देवप्रयाग में आज भी पितृ पक्ष में राजा दशरथ को तर्पण देने की परंपरा कायम है। श्री रघुनाथ मंदिर के पुजारी आज भी इस परंपरा को निभा रहे हैं। शनिवार को मंदिर के पुजारी सोमनाथ भट्ट ने मंदिर परिसर स्थित छतरी में तर्पण किया। पुरोहित शंकर जोशी ने विधिवत श्राद्ध पूजन करवाया। पुजारी सोमनाथ भट्ट ने बताया कि केदार खंड में भगवान राम का देवप्रयाग में अपने पिता को तर्पण और पिंडदान करने का उल्लेख मिलता है, जिसमें राजा दशरथ ने स्वयं उपस्थित होकर भगवान राम के हाथों पिंड ग्रहण किया था। माना जाता है कि गंगा तीर्थ देवप्रयाग पित्रों की मुक्ति के लिए श्रेष्ठ तीर्थ है। भगवान राम की इस तपस्थली में राजा दशरथ के नाम से दशरथाचंल पर्वत स्थित है। जहां राजा दशरथ से जुड़े प्राचीन स्थल मौजूद हैं।