तहसील यमकेश्वर को गंगा भोगपुर स्थित एक रिजॉर्ट में सेवारत पौड़ी ब्लाक के श्रीकोट गांव की अंकिता ने पारिवारिक परिस्थितियों को बदलने के लिए नौकरी की राह चुनी थी। उसके सपने साकार रूप ले पाते उससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई। अंकिता पढ़ाई में लगनशील, मेहनती व अनुशासित छात्रा थी। इंटरमीडिएट की परीक्षा उसने 88 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण कर देहरादून से एक वर्षीय होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था। वह नौकरी मिलने के बाद बहुत खुश थी। ज्वाइनिंग के दिन वह अपने पिता के साथ गंगा भोगपुर के वनतारा रिजॉर्ट भी गई थी।
ग्राम पंचायत श्रीकोट में राजस्व गांव धूरों स्थित हैं। यहां के निवासी बीरेंद्र सिंह भंडारी व सोनी भंडारी की बेटी थी 19 वर्षीय अंकिता। सामाजिक कार्यकर्ता भुवन डोभाल ने बताया कि अंकिता के पिता पहले एक एनजीओ में कार्य करते थे लेकिन कोविडकाल के बाद से गांव में ही रह रहे थे और खेती व पशुपालन करते थे। जबकि माता आंगनबाड़ी में सेवारत हैं। उन्होंने बताया कि पारिवारिक परिस्थितियों को बदलने के लिए अंकिता ने नौकरी की राह चुनी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर पौड़ी के प्रधानाचार्य राकेश नौडियाल ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के लिए सरकार को और ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।