पांच दिन तक जागृत रहेगी मां राजराजेश्वरी की ज्योति
श्रीनगर। प्राचीन सिद्धपीठ राजराजेश्वरी मंदिर में 27 से 31 मई तक पंचदिवसीय अखंड महायज्ञ का आयोजन होगा। इस दौरान मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, पाठ, जाप और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। साथ ही मां राजराजेश्वरी की ज्योति पांच दिनों तक अखंड रूप से जागृत रहेगी। महायज्ञ का शुभारंभ 27 मई की सुबह ध्वजारोहण के साथ होगा जो 31 मई अपराह्न तक निरंतर चलेगा। मंदिर के पुजारी कुंजिका प्रसाद उनियाल ने बताया कि आयोजन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कलश यात्रा भटोली गांव से शुरू होकर अखाड़ा होते हुए राजराजेश्वरी सिद्धपीठ पहुंचेगी। मंदिर क्षेत्र को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। आयोजन में ऋषिकेश से संत बदरीश, तुलसीराम गैरोला, पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं दो बार एवरेस्ट विजेता संतोष यादव, कृष्णानंद नौटियाल, ज्योतिषाचार्य भास्करानंद जोशी और महेश दत्त उनियाल सहित कई विद्वान शामिल होंगे। संवाद