श्रीनगर। विकास खंड कीर्तिनगर के लोस्तु और बडियारगढ़ क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों की समस्या सात वर्ष बाद भी हल नहीं हो पाई है। आज तक न तो क्षेत्र को जोड़नेेवाले गहड़-पल्यापटाला मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूरा हुआ और न ही गांव के आम रास्तों और स्कूल जाने वाले मार्ग की मरम्मत हो पाई। जिस कारण लोग सड़क निर्माण के मलबे से क्षतिग्रस्त रास्तों पर जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।लोस्तु क्षेत्र में वर्ष 2018 में पीएमजीएसवाई के तहत करीब 10.50 किलोमीटर गहड़-पल्यापटाला मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। योजना के प्रथम चरण में मार्ग के निर्माण पर करीब 660.64 लाख व दो वर्ष के अनुरक्षण पर 9.34 लाख खर्च होने का प्रावधान रखा गया था। प्रथम चरण के बाद शासन ने मोटर मार्ग के द्वितीय चरण के लिए करीब 695.54 लाख स्वीकृत किए। जुलाई 2020 में द्वितीय चरण का निर्माण कार्य शुरू हुआ। संबंधित ठेकेदार को यह कार्य 30 जून 2021 तक पूरा करने के निर्देश थे जोकि नहीं हो पाया। पल्यापटाला के निवर्तमान प्रधान कुंदन सिंह बर्त्वाल ने बताया कि वर्ष 2018 के बाद सड़क निर्माण के मलबे से उनके पैदल रास्तें क्षतिग्रस्त हो गए। जबकि राजकीय प्राथमिक विद्यालय पारिपुंडोली व आंगनबाड़ी केंद्र का रास्ता और स्कूल के आगे का मैदान और रेलिंग क्षतिग्रस्त होने से छात्रों के लिए आए दिन खतरा बना रहता है। बताया कि भले ही विभाग ने पुश्ते का निर्माण किया है जो बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है। उन्होंने बताया कि समस्या के समाधान के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों से निवेदन किया गया। लेकिन सात साल बीत जाने के बाद न तो सड़क का काम पूरा हुआ और न ही क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत की गई। कहा कि कई बार मनरेगा से भी रास्तों पर काम किया गया। लेकिन बरसात के कारण फिर से मलबा आदि आने से समस्या बन रहती है।