पौड़ी। संवाद आर्ट ग्रुप पौड़ी के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में कलाकारों ने वीर वधु देवकी नाटक का मंचन प्रस्तुत किया। इस मौके पर कलाकारों ने छात्र-छात्राओं को थिएटर की बारीकियां भी बताई।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय व संगीत नाटक अकादमी की दिशा निर्देशों पर आयोजित कार्यशाला का मंचन जीआईसी उज्याड़ी में आयोजित हुआ। नाटक का निर्देशन करते हुए वरिष्ठ रंगकर्मी मनोज दूर्बी ने बताया कि वीरवधु देवकी की कहानी साहित्यकार भजन सिंह के दस्तावेजों पर आधारित है। बताया कि यह कहानी प्रथम विश्व युद्ध के दौरान घटी सच्ची घटना पर आधारित है। नाटक में देवकी के पति अमर सिंह फ्रांस में अंग्रेजों की ओर से लड़ते हुए शहीद हो जाते हैं। देवकी अपने सास-ससुर की सेवा में लीन रहती है।
इसी बीच गांव में मसाले बेचने के नाम पर एक पठान आता है। जब कोई भी रात को उसे शरण नहीं देता तो मानवता के नाते देवकी उसे अपने घर में शरण देती है। लेकिन पठान की गलत नियत देवकी पर पड़ती है। वह शराब के नशे में देवकी के दरवाजे को पीटता है। देवकी क्रोध में आकर अपनी आराध्य देवी की कटार से उसका वध कर देती है। नाटक के इस मार्मिक दृश्य को देखकर स्कूली बच्चे आश्चर्यचकित हो उठते हैं। नाटक में निकिता नेगी, शंकर राणा व सुधांशु नौडियाल, प्राची, अरमान, अफ्फान, अंशुल, अनूप गोसांई और वोल्गा रावत ने शानदार अभिनय किया। संगीत शुभम बिष्ट ने दिया।