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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। केंद्रीय बजट 2026 में आयकर ढांचे को कुल मिलाकर रेट-न्यूट्रल रखा गया है, जबकि रोजगार सृजन के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर स्पष्ट दिखता है। बजट में 12.2 लाख करोड़ रूपये के पब्लिक कैपेक्स का प्रावधान ट्रांसपोर्ट सेक्टर को गति देगा। जिससे सीमेंट-स्टील जैसी कोर इंडस्ट्री के साथ-साथ लोकल सर्विसेज में भी मांग बढ़ने की संभावना है। इससे आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सीए सतेंद्र कंडारी ने कहा कि सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में 40,000 करोड़ रूपये का प्रोत्साहन स्वागतयोग्य है। हालांकि तेज़ी से बदलते तकनीकी परिदृश्य को देखते हुए यह राशि अभी पर्याप्त नहीं लगती। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए इस क्षेत्र में निरंतर और दीर्घकालिक निवेश की आवश्यकता होगी।उन्होंने बताया कि बजट में एआई को वर्कफोर्स ट्रांज़िशन के रूप में देखते हुए युवाओं के कौशल विकास पर फोकस बढ़ाया गया है, जिससे भविष्य की नौकरियों के लिए उन्हें तैयार करने में मदद मिलेगी। वहीं, जीएसटी में दरों को लेकर कोई राहत नहीं दी गई है, लेकिन जीएसटी प्रक्रिया में सुधारों के जरिए अनुपालन को आसान बनाने की पहल सकारात्मक कदम है। कुल मिलाकर बजट 2026 कर संरचना में स्थिरता बनाए रखते हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और कौशल विकास के माध्यम से रोजगार और विकास को गति देने का संकेत देता है।