गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर में पोस्टर चिपकाने को लेकर छात्र नेताओं और नियंता मंडल में बहस हो गई। डीएसओ (डेमोक्रेटिक स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन) एवं एसएफआई (स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया) छात्र संगठन की ओर से परिसरों में पठन-पाठन शुरू कराने और पुस्तकालय के रीडिंग रूम में बैठने की अनुमति के लिए पोस्टर चिपकाए गए हैं। संगठनों का कहना है कि उन्होंने जायज मांग के लिए हैंडमेड पोस्टर चिपकाए थे, जिन्हें नियंता मंडल ने फाड़ दिया। आरोप लगाया कि विवि प्रशासन मांगों पर कार्रवाई के बजाय छात्रों पर दबाव बना रहा है। छात्र नेताओं ने विरोध स्वरूप नारेबाजी भी की। इस मौके पर आशु नेगी, सौरभ चंद्र सानू, रंजना बर्त्वाल, नीलम, अंकिता, गोविंद, शिखा, रोहित, कविता, शिखा व संतोष आदि मौजूद थे। इधर, विवि के मुख्य नियंता प्रो. अरुण बहुगुणा ने कहा कि पोस्टर फाड़े नहीं गए, बल्कि हटवाए गए हैं। परिसर में किसी को भी पोस्टर लगाने की इजाजत नहीं है। संवाद