पौड़ी। विकास खंड कोट के ब्लाॅक स्तरीय संस्कृत महोत्सव का आयोजन जीआईसी नाहसैंण में हुआ। महोत्सव के कनिष्ठ वर्ग में संस्कृत विद्यालय भुवनेश्वरी और वरिष्ठ वर्ग में केंद्रीय संस्कृत विवि के देवप्रयाग परिसर का दबदबा रहा।
ब्लाॅक स्तरीय संस्कृत महोत्सव का उद्घाटन विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि संस्कृत दुनिया की सबसे समृद्ध व पुरातन भाषा है। इसके उपयोग को लेकर लोगों में झिझक बनी है। लेकिन उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से हो रहे आयोजन, अब धीरे-धीरे ही सही, जन-जन को संस्कृत के वैभव से जोड़ने में अहम योगदान दे रही है। विधायक पोरी ने प्रतिभागी छात्रों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया। संस्कृत महोत्सव के कनिष्ठ वर्ग में समूहगान, समूहनृत्य, नाटक, वाद-विवाद, आशुभाषण व श्लोकोच्चारण प्रतियोगिताओं में ब्रिगेडियर विद्याधर जुयाल संस्कृत विद्यालय भुवनेश्वरी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। समूह नृत्य में जीआईसी नाहसैंण द्वितीय व जीआईसी कोट तृतीय रहा। समूहगान में जीआईसी घिंडवाड़ा द्वितीय, जीआईसी दोंदल तृतीय, नाटक, वाद-विवाद, आशुभाषण में जीआईसी नाहसैंण द्वितीय और श्लोकोच्चारण में जीआईसी कोट ने द्वितीय स्थान हासिल किया। वरिष्ठ वर्ग के नाटक, वाद-विवाद, आशुभाषण, समूहगान, समूहनृत्य व श्लोकोच्चारण प्रतियोगिताओं में केंद्रीय संस्कृत विवि के देवप्रयाग परिसर ने प्रथम स्थान हासिल किया। नाटक, वाद-विवाद, आशुभाषण, समूहगान व श्लोकोच्चरण प्रतियोगिताओं में ब्रिगेडियर विद्याधर जुयाल संस्कृत विद्यालय भुवनेश्वरी ने द्वितीय स्थान पाया। समूह नृत्य में जीआईसी नाहसैंण ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अनुसूया प्रसाद सुंदरियाल, नवीन ममगाईं, अनूप कुकरेती और कमलदीप आदि शामिल रहे।