देवप्रयाग। माध्यमिक अतिथि शिक्षकों की मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री की ओर से दिए गए आश्वासन अभी तक पूरे नहीं होने पर अतिथि शिक्षकों में गहरा आक्रोश है। प्रदेश अध्यक्ष माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ अभिषेक भट्ट ने बताया कि शिक्षा मंत्री पिछले कई वर्षों से अतिथि शिक्षकों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन अभी तक एक भी आश्वासन धरातल पर नहीं उतरा है। भट्ट ने कहा कि 14 अगस्त 2024 को हड़ताल के दौरान शिक्षा मंत्री ने दो कैबिनेट बैठकों में अतिथि शिक्षकों के वेतन में वृद्धि, 2015 से नियुक्त अतिथि शिक्षकों के पदों को सुरक्षित करने और प्रभावित व्यायाम अतिथि शिक्षकों के समायोजन का आश्वासन दिया था। इसके अलावा 26 नवंबर को शिक्षा निदेशालय में हुई बैठक में भी अतिथि शिक्षकों के पदों को सुरक्षित करने, वेतन 35 हजार रुपये करने और चिकित्सा अवकाश सहित अन्य मांगों पर सहमति बनी थी। इस बैठक का कार्यवृत भी जारी किया गया था, लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी इन मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। भट्ट ने कहा कि प्रदेश में लगभग चार हजार अतिथि शिक्षक (एलटी और प्रवक्ता) पिछले 10 वर्षों से अल्प वेतन पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक उनके हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अतिथि शिक्षकों के शोषण वाले आदेश जारी कर रही है, जिससे अतिथि शिक्षकों में भारी आक्रोश और नाराजगी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो अतिथि शिक्षकों को फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है।