पौड़ी। गढ़वाल के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् दपंती डॉ. अतुल बमराड़ा व पूनम बमराड़ा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल की है। उनका संयुक्त शोध प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थान आईजीआई ग्लोबल की ओर से प्रकाशित टीचिंग मेथोड़ोलोजीज इन एशियन एंड पसिफिक स्कूल सिस्टम्स नामक पुस्तक में शामिल किया गया है। यूजिंग इंडीजीनियस गेम्स टू स्ट्रेदन न्यूमरेसी इन अर्ली एजुकेशन नामक यह शोध दर्शाता है कि स्वदेशी खेलों से प्रारंभिक कक्षाओं में गिनती, स्थानिक समझ, अनुमान और समस्या-समाधान जैसे कौशलों को प्रभावी ढंग से विकसित किया जा सकता है। उत्तराखंड के विद्यालयों में किए गए इस अध्ययन में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की ओर से स्थापित अधिगम परिणामों के आधार पर प्री-टेस्ट और पोस्ट-टेस्ट में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। दोनों शिक्षकों की इस उपलब्धि पर एनसीईआरटी नई दिल्ली के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी एवं गढ़वाल विश्वविद्यालय के प्रो. अनिल नौटियाल ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। संवाद